नयी दिल्ली, नौ सितंबर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को शिखर सम्मेलन स्थल ‘भारत मंडपम’ में जी20 मेहमानों के लिए एक भव्य रात्रिभोज का आयोजन किया, जिसमें मोटे अनाज से बने व्यंजन और कश्मीरी कहवा परोसे गए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रात्रिभोज शुरू होने से पहले एक मंच पर अतिथियों का स्वागत किया, जिसकी पृष्ठभूमि में बिहार के नालंदा महाविहार (नालंदा विश्वविद्यालय) की तस्वीर लगी हुई थी, साथ ही भारत की अध्यक्षता में जी20 का विषय- 'वसुधैव कुटुम्बकम्- एक पृथ्वी, एक कुटुम्ब, एक भविष्य' को दर्शाया गया था।
नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। यह विश्वविद्यालय दुनिया के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक था।
राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने बाइडन का स्वागत किया और मंच पर उनका अभिवादन किया और उनसे संक्षिप्त बातचीत की। उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से भी संक्षिप्त बातचीत की जो अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के साथ रात्रि भोज में शामिल होने आए थे।
रात्रिभोज के मेनू (व्यंजन सूची) के अनुसार, गणमान्य व्यक्तियों को परोसे गए व्यंजनों में ‘श्री अन्ना’ (मोटे अनाज से बने व्यंजन और कश्मीरी कहवा शामिल था। ये व्यंजन भारत की विविध पाक परंपरा को दर्शाते हैं।
रात्रिभोज के लिए विशेष तौर पर तैयार व्यंजन सूची पर लिखा था, ‘‘परंपराओं, रीति-रिवाजों और ऋतुओं का संगम, भारत कई मायनों में विविधतापूर्ण है। स्वाद हमें जोड़ता है। हम शरद ऋतु का उत्सव मना रहे हैं, इस मेनू (व्यंजन सूची) में इस ऋतु की प्रचुरता है। यह भारत भर में पायी जाने वाली खाद्य सामग्री की समृद्धता को दर्शाता है एवं आधुनिक वैश्चिक विविधता में हमारी समृद्ध पाक- कला को व्यक्त करता है और यह ‘‘वसुधैव कुटुंबकम - ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की भावना को समर्पित है।’’
मेनू के एक अन्य पृष्ठ पर जी20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर ‘भारत के राष्ट्रपति’ द्वारा आयोजित रात्रिभोज का उल्लेख किया गया था। इसमें कहा गया था कि पूरे भारत में उगाए जाने वाले मोटे अनाज का स्वाद ‘अपने सम्मानित मेहमानों तक पहुंचाने के लिए हमने आज मेनू में कुछ व्यंजन शामिल किए हैं’, जिसमें विभिन्न प्रकार के मोटे अनाज का उपयोग किया गया है...।
विशिष्ट मेहमानों को परोसे गए शुरुआती भोजन (स्टार्टर)- में ‘पात्रम’ - ‘ताजी हवा का झोंका’ दही के गोले और भारतीय मसालेदार चटनी से सजे कंगनी श्रीअन्न लीफ क्रीस्प्स (दूध, गेहूं और मेवा युक्त) था।
मुख्य भोजन- वनवर्णम ‘मिट्टी के गुण’ ग्लेज्ड फॉरेस्ट मशरूम, कुटकी श्रीअन्न क्रिस्प्स और करी पत्ते के साथ तैयार केरल लाल चावल के साथ परोसे गए कटहल गैलेट (दूध और गेंहू युक्त) था।
रात्रिभोज में परोसी गई भारतीय रोटियों में कलौंजी के स्वाद वाले मुलायम बन (दूध और गेंहू युक्त) और बाकरखानी- इलायची के स्वाद वाली मीठी रोटी (दूध, चीनी और गेंहू युक्त) शामिल थी।
खाने के बाद परोसे गए मिष्ठान में ‘मधुरिमा’ - जो इलायची की खुशबू वाला सांवा का हलवा, अंजीर-आड़ू मुरब्बा और अंबेमोहर राइस क्रिस्प्स (दूध, श्रीअन्न, गेंहू और मेवा युक्त) शामिल था।
रात्रिभोज में राष्ट्राध्यक्षों और भारत सरकार द्वारा आमंत्रित लोगों सहित लगभग 300 अतिथि शामिल हुए।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष क्रिस्टालिना जॉर्जीवा, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा अपनी पत्नी रितु बंगा के साथ और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना सबसे पहले प्रगति मैदान में नवनिर्मित कन्वेंशन सेंटर पहुंचने वालों में शामिल थीं।
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