सिंगापुर, दो सितंबर सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्ण ने बुधवार को कहा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने नेतृत्व में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुखर्जी का संक्षिप्त बीमारी के बाद सोमवार की शाम को निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे।
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यहां भारतीय उच्चायोग में अपने शोक संदेश में बालकृष्ण ने लिखा है कि सिंगापुर के अच्छे मित्र होने के नाते मुखर्जी ने अपने नेतृत्व में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सिंगापुर के मंत्री ने लिखा, ‘‘सिंगापुर की सरकार और जनता की ओर से पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर मैं भारत की जनता और सरकार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘वह असल राजनेता थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन भारत की सेवा और उसकी बेहतरी में लगा दिया। हम भारत के लोगों और श्री मुखर्जी के परिवार के साथ हैं।’’
श्रीलंका और बांग्लादेश के उच्चायुक्त, यूरोपीय संघ, जापान, फ्रांस और स्पेन के राजदूतों ने भी अपना शोक संदेश लिखा।
चिली के राजनयिक ने भी शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।
भारतीय दूतावास के अनुसार, रूस के राजदूत की ओर से भी शोक संदेश प्राप्त हुआ है।
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