जबलपुर, 17 अगस्त मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने 2023 के राज्य विधानसभा चुनावों में उनके निर्वाचन को चुनौती देने वाली भाजपा नेता की याचिका को खारिज करने का अनुरोध किया था।
न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकल पीठ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ध्रुव नारायण सिंह की याचिका के खिलाफ भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक मसूद की ओर से दाखिल याचिका खारिज कर दी। सिंह ने अपनी याचिका में मसूद पर पिछले साल चुनावों के दौरान भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया है।
यह आदेश 14 अगस्त को पारित किया गया।
मसूद ने अपनी अर्जी में कहा कि भाजपा नेता ने चुनाव याचिका पर अपने हस्ताक्षर करने के बजाय उसकी फोटोकॉपी प्रस्तुत की और अपने आरोप का समर्थन करने वाले अनिवार्य हलफनामे को शामिल नहीं किया।
पिछले साल हुए राज्य विधानसभा चुनावों में मसूद से हारने वाले सिंह ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को चुनाव से पहले सौंपे गए हलफनामे में मसूद ने ऋण के बारे में जानकारी छिपाई थी।
अदालत ने कहा, "मौजूदा मामले में प्रतिवादी (मसूद) के खिलाफ याचिकाकर्ता का आरोप है कि वह कर्ज में डूबा हुआ है, वह एक राष्ट्रीयकृत बैंक का डिफॉल्टर है, और उसके खातों को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घोषित किया गया है। वह गलत आंकड़े देकर बैंक के प्रति अपनी देनदारी की सीमा का खुलासा करने में विफल रहा।"
पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया, याचिका को केवल साधारण तरीके से पढ़ना ही इसे खारिज करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
आदेश में कहा गया है कि मसूद की याचिका को दलीलों और गिनाई गई खामियों के आधार पर खारिज किया जाता है।
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