देश की खबरें | मप्र : मुख्यमंत्री यादव ने 'खेदजनक व्यवहार' के लिए चार आईपीएस अधिकारियों के तबादले का आदेश दिया

भोपाल, एक जून मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को कटनी एवं दतिया के पुलिस अधीक्षकों, चंबल रेंज के पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) समेत चार फील्ड स्तरीय आईपीएस अधिकारियों के तबादले का आदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "कटनी और दतिया के पुलिस अधीक्षकों तथा आईजी, डीआईजी चंबल रेंज ने ऐसा व्‍यवहार किया जो लोकसेवा में खेदजनक है। इस कारण इन्‍हें तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिये हैं।"

पुलिस सूत्रों ने बताया कि कटनी जिले में शनिवार रात पारिवारिक विवाद को लेकर पुलिस ने एक तहसीलदार और उनकी नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) पत्नी के रिश्तेदारों से कथित तौर पर हाथापाई की घटना के कारण कटनी के पुलिस अधीक्षक अभिषेक रंजन का तबादला कर दिया।

सूत्रों ने बताया कि जनता के सामने अनुचित व्यवहार करने के कारण दतिया के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार, चंबल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुशांत कुमार सक्सेना और डीआईजी कुमार सौरभ का तबादला कर दिया गया है।

अधिकारी ने बताया कि इस बीच, राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारी सूरज वर्मा को दतिया का पुलिस अधीक्षक, अभिनव विश्वकर्मा को कटनी का पुलिस अधीक्षक, सचिन अतुलकर को चंबल रेंज का महानिरीक्षक और सुनील कुमार जैन को चंबल रेंज का डीआईजी नियुक्त किया है।

कटनी की सीएसपी ख्याति मिश्रा के सरकारी आवास पर हुई कथित मारपीट के मामले के तूल पकड़ने के बाद अभिजीत रंजन को तत्काल प्रभाव से हटाया गया है।

बाद में जारी एक आदेश के मुताबिक कटनी के एसपी रंजन को पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया और उनके स्थान पर अभिनव विश्वकर्मा को कटनी का नया एसपी नियुक्त किया गया है।

मिश्रा के पति शैलेंद्र बिहारी शर्मा ने कटनी पुलिस पर सीएसपी मिश्रा के आवास पर मारपीट का आरोप लगाया है। शर्मा तहसीलदार हैं और दमोह में पदस्थ हैं। उन्होंने एसपी रंजन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

यह प्रकरण ऐसे समय में हुआ है जब ख्याति मिश्रा का स्थानांतरण अमरपाटन हो गया है।

मिश्रा के परिवार के लोगों का कहना है कि शनिवार देर रात महिला थाने में बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की गई है।

आरोपों के मुताबिक शैलेंद्र बिहारी शर्मा, अपने और पत्नी (सीएसपी ख्याति मिश्रा) के परिजनों के साथ कटनी में स्थित सरकारी बंगले में बेटी से मिलने पहुंचे थे।

आरोपों के अनुसार बातचीत चल ही रही थी कि वहां अचानक पुलिस पहुंची और परिजनों को जबरन खींचते हुए पुलिस वाहन में बिठाकर महिला थाने ले आई।

तहसीलदार शैलेंद्र बिहारी शर्मा का आरोप है कि पुलिस ने उनके 10 साल के बेटे के सामने परिवार के सदस्यों से मारपीट की और सभी को महिला थाने में कैद कर लिया।

हंगामे के बाद पुलिस सभी परिजनों को जिला अस्पताल मेडिकल जांच के लिए ले गई, जहां पुलिस और परिजनों के बीच फिर से बहस और हंगामा हुआ।

तहसीलदार शैलेन्द्र शर्मा ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत कोतवाली थाने में दी है।

कोतवाली प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि पूरा मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और उनके आदेश पर जांच कराई जाएगी।

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