अमेठी/लखनऊ, 18 जुलाई गुडिया और उसकी मां साफिया द्वारा उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में लोकभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास करने के मामले में शनिवार को जामो थाना प्रभारी रतन सिंह सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया ।
इस घटना के सिलसिले में कांग्रेस और एमआईएम के एक—एक नेता के खिलाफ आपराधिक साजिश और महिला को उकसाने का मुकदमा भी लखनऊ में दर्ज किया गया ।
मां—बेटी ने शुक्रवार शाम को लोकभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास किया था । लोकभवन में ही मुख्यमंत्री कार्यालय है ।
इस घटना को लेकर विपक्षी बसपा, सपा और कांग्रेस ने सरकार को आडे़ हाथ लिया ।
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अमेठी के जिलाधिकारी अरूण कुमार एवं पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने बताया कि साफिया का उसके पडोसी से नाली का विवाद था, जिसमें नौ जुलाई को मारपीट हुई थी । पुलिस द्धारा नियमानुसार कार्रवाई की गयी थी और सभी को भादंसं की धारा 107/116 के तहत पाबंद भी किया गया था ।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आत्मदाह के प्रयास के मामले में थाना प्रभारी जामो, हल्का उप निरीक्षक एवं सिपाही को निलंबित कर दिया गया है । इस मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौपी गयी है, रिर्पोट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी ।
पुलिस आयुक्त :लखनऊ: सुजीत पांडेय ने बताया, ‘‘ प्रथम दृष्टया ऐसी जानकारी मिली है कि यह पूरी घटना एक साजिश के तहत हुई है । यह एक आपराधिक साजिश है, जिसके तहत महिला को कुछ लोगों ने इस काम के लिये उकसाया ।’’
उन्होंने बताया कि थाना हजरतगंज में एमआईएम नेता कदीर खान और कांग्रेस नेता और पूर्व प्रवक्ता अनूप पटेल एवं अन्य के साथ साथ आसमा नामक एक महिला और सुल्तान नामक एक पुरूष के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है ।
पांडेय ने बताया, ‘‘ मां—बेटी से कहा गया कि वे लखनऊ आयें, तब उनकी मांग ‘सुर्खियों' में आएगी । हमारे पास इस बात के सबूत हैं कि ये लोग उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी के कार्यालय में पटेल से मिले । इस संबंध में लखनऊ के एक मीडियाकर्मी से संपर्क किया गया । मीडियाकर्मी ने इस बात की पुष्टि की है कि उससे इस मामले को सुर्खियों मे लाने को को कहा गया था । सबूतों के अनुसार पटेल ने मां—बेटी को आग लगाने के लिये उकसाया ।’’
इस बीच श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल के अधीक्षक आशुतोष दुबे ने बताया कि मां करीब 90 प्रतिशत जल गयी है और उनकी हालत गंभीर है जबकि बेटी 15 प्रतिशत जली है और उनकी हालत स्थिर है । मां को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है ।
उल्लेखनीय है कि भूमि विवाद के मामले में पुलिस की ओर से कथित तौर पर कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में मां बेटी ने आत्मदाह का प्रयास किया । इनमें से आग की लपटों से घिरी एक महिला के भागते वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया।
ये घटना कड़ी सुरक्षा वाली जगह पर हुई थी, जहां विधान भवन और लोकभवन हैं ।
विपक्षी सपा, बसपा और कांग्रेस ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार को आडे हाथ लिया है ।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को टवीट किया, ''जमीन विवाद प्रकरण में अमेठी जिला प्रशासन से न्याय न मिलने पर माँ-बेटी को लखनऊ में सीएम कार्यालय के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होना पड़ा । उत्तर प्रदेश सरकार इस घटना को गम्भीरता से ले तथा पीड़ित को
न्याय दे व लापरवाह अफसरों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करे ताकि ऐसी घटना पुनः न हों ।''
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने टवीट किया, ''लोकभवन के सामने दो महिलाओं द्वारा आत्मदाह की घटना, सोती हुई सरकार को जगाने के लिए क्या काफ़ी नहीं है या फिर असंवेदनशील सरकार व मुख्यमंत्री जी किसी और बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं । क्या उप्र में सरकार नाम की कोई चीज़ है !''
उधर कांग्रेस विधान परिषद दल के नेता दीपक सिंह ने कहा, ‘‘ विधानसभा के गेट नम्बर तीन पर आत्मदाह के बाद प्रशासनिक कमी को छुपाने के लिए कांग्रेस प्रवक्ता को फंसाने की भाजपा साजिश रच रही है । भाजपा को राजनीतिक शिष्टाचार नहीं भूलना चाहिए । कोई भी पीड़ित किसी राजनीतिक या सामाजिक संगठनों से मदद मांगता है । उसके दफ्तर जाता है, यह एक सामान्य सी बात है । भाजपा क्या कभी विपक्ष में नहीं रही है । क्या भाजपा कभी विपक्ष में नहीं होगी ।’’
सिंह ने कहा, ‘‘ अमेठी की सांसद स्मृति ईरानी लॉकडाउन में जनता की सेवा करने के बजाय लूडो और अंताक्षरी खेल रही थीं । अब उनके क्षेत्र में सत्ता संरक्षण में अपराध इतना बढ़ गया कि जनता आत्मदाह को मजबूर है । वह आखिर कहां गायब हैं ।’’
उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी गलती मानते हुए थाने के दरोगा को सस्पेंड भी किया है, फिर ये बिना सिर पैर की साजिश क्यों रच रही है ।
उन्होंने कहा कि हजरतगंज से लेकर जामो तक पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि पुलिस और अपराधियों के गठजोड़ के चलते पीड़ित आत्मदाह को मजबूर हुईं हैं । भाजपा नेताओं से लेकर पुलिस के आला अफसरों तक न्याय की गुहार लगाने वाली पीड़ित महिलाएं आत्मदाह करने को क्यों मजबूर हुईं, इसका जवाब भाजपा को देना पड़ेगा ।
सं जफर अमृत
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