एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | अधिकांश खाद्यतेल तिलहन कीमतों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को अधिकांश देशी तेल तिलहनों के भाव में सुधार दिखा। मांग रहने के बीच अच्छे माल की कमी के कारण सरसों एवं मूंगफली तेल तिलहन, सोयाबीन तिलहन और सोयाबीन दिल्ली एवं इंदौर तेल तथा बिनौला तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ जबकि सोयाबीन डीगम तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुई।

जरुरी जानकारी | अधिकांश खाद्यतेल तिलहन कीमतों में सुधार

नयी दिल्ली, 29 जुलाई दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को अधिकांश देशी तेल तिलहनों के भाव में सुधार दिखा। मांग रहने के बीच अच्छे माल की कमी के कारण सरसों एवं मूंगफली तेल तिलहन, सोयाबीन तिलहन और सोयाबीन दिल्ली एवं इंदौर तेल तथा बिनौला तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ जबकि सोयाबीन डीगम तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुई।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि आगामी त्यौहारों के मद्देनजर बाजार में देशी खाद्यतेलों की मांग कुछ बढ़ी है। देशी तेल-तिलहन के अच्छे माल की कमी है जिसमें सरसों में काफी सारा माल नमी वाला है जिसका केवल रिफाइंड बनाया जा सकता है। अच्छे सरसों का स्टॉक नेफेड के पास है और सरकार को बगैर किसी जल्दबाजी के त्यौहारों के दौरान ही इसको निकालना चाहिये। इससे सरसों की बिजाई भी आसानी से हो जायेगी। मूंगफली और बिनौले का स्टॉक बेहद कम है और अगली फसल आने में अभी कुछ समय लगेगा।

सूत्रों ने कहा कि खरीफ बुवाई के दौरान कपास, मूंगफली और सूरजमुखी की बिजाई का रकबा कम होना चिंता की बात है। कपास का रकबा पिछले साल से लगभग एक प्रतिशत कम है जबकि मूंगफली खेती के रकबे में आध प्रतिशत की गिरावट है और सूरजमुखी के खेती के रकबे में लगभग 67 प्रतिशत की गिरावट है। उल्लेखनीय है कि कपास खेती के बाद उससे निकलने वाले बिनौले से खाद्यतेल के अलावा सबसे अधिक खल की प्राप्ति होती है। मूंगफली की मौजूदा मांग और हर साल मांग बढ़ने की स्थिति को देखते हुए इस बार मूंगफली के रकबे का घटना चिंताजनक है।

सूत्रों ने कहा कि खाद्यतेलों के मामले में हमें आयात पर निर्भर होने के बजाय देशी तेल तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना होगा। सस्ते आयात को नियंत्रित कर इन देशी तेल तिलहनों का बाजार भी विकसित करना होगा और इसके लिए जरूरी है कि देशी खाद्यतेलों की पेराई मिलें पूरी क्षमता से काम कर सकें। इन बातों को केन्द्र में रखकर ही हमें आयात और आयात शुल्क बढ़ाने घटाने के संबंध में फैसला लेना चाहिये। फिलहाल बिनौला, मूंगफली, सरसों की आधे से अधिक पेराई मिलें बंद हो चुकी हैं। यही हाल रहा तो उत्पादन बढ़ाने से कोई लाभ नहीं होने वाला है। सरसों की कीमत खुले बाजार में अभी भी न्यूनमत समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम हैं। सस्ते आयातित तेलों की भरमार बाजार के माहौल को मंदा किये हुए है।

शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,700-5,750 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 7,750-7,800 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 18,700 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,705-2,990 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 11,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,815 -1,895 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,815 -1,925 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,560 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,900 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,300 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,600 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,700 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,090-5,185 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,855-4,950 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2023 08:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).