मुंबई, 28 जनवरी वैश्विक विश्लेषण सॉफ्टवेयर कंपनी एफआईसीओ की रिपोर्ट के अनुसार उसके एक सर्वेक्षण में शामिल एक-तिहाई से अधिक लोगों ने तत्काल भुगतान से जुड़े घोटालों में पैसा खोने की बात कही।
भारत के वास्तविक समय के भुगतान (आरटीपी) पारिस्थितिकी तंत्र में घोटालों के बढ़ते खतरे को उजागर करते हुए 34 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने उन वस्तुओं, सेवाओं या निवेश के लिए भुगतान करने की सूचना दी, जो उन्हें कभी नहीं मिले।
रिपोर्ट में कहा गया कि 60 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने घोटालेबाजों से संदेश मिलने की बात कही और 54 प्रतिशत ने कहा कि उनके मित्रों या परिवार के सदस्यों के साथ धोखाधड़ी हुई है।
एफआईसीओ के एशिया में प्रबंध निदेशक दत्तू कोम्पेला ने कहा, ‘‘वर्ष 2023 की तुलना में 2024 में कम भारतीय उपभोक्ताओं ने नुकसान की सूचना दी है। साथ ही 56 प्रतिशत धोखाधड़ी में नुकसान अपेक्षाकृत छोटे थे (50,000 रुपये से कम), लेकिन यह राशि कई परिवारों के लिए बहुत बड़ा नुकसान हो सकती है।’’
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं, व्यवसायों और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं के बीच अधिक लेनदेन होने के कारण आरटीपी का उपयोग बढ़ता रहेगा।
एफआईसीओ का सर्वेक्षण 2024 में एक स्वतंत्र शोध कंपनी ने किया। इसमें 14 देशों के लगभग 11,000 उपभोक्ताओं से रायशुमारी की गई, जिसमें लगभग एक हजार भारतीय शामिल हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY