देश की खबरें | सौ से अधिक सांसदों ने न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस पर हस्ताक्षर किए: रीजीजू

नयी दिल्ली, 20 जुलाई केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने रविवार को कहा कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने के सिलसिले में संसद में प्रस्ताव पेश करने के लिए 100 से ज्यादा सांसदों ने पहले ही एक नोटिस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

इसके साथ ही लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव पेश करने के लिए आवश्यक समर्थन हासिल हो गया है।

सर्वदलीय बैठक के बाद रीजीजू ने संवाददाताओं से कहा, "हस्ताक्षर प्रक्रिया जारी है। 100 से अधिक सांसद पहले ही हस्ताक्षर कर चुके हैं।"

उन्होंने कहा कि यह कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) को तय करना है कि प्रस्ताव कब पेश किया जाएगा।

किसी न्यायाधीश को हटाने के प्रस्ताव पर लोकसभा में कम से कम 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर होने चाहिए। यह प्रस्ताव लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना है।

सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के साथ, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह संसद के इसी सत्र में यह प्रस्ताव लाएगी और "न्यायपालिका में भ्रष्टाचार" के खिलाफ इस कदम में उसे विपक्ष समेत विभिन्न दलों का समर्थन मिल रहा है।

जब रीजीजू से पूछा गया कि क्या सत्र के पहले सप्ताह में यह प्रस्ताव लाया जा सकता है, तो उन्होंने कहा, "मैं प्राथमिकता के आधार पर किसी भी कार्य पर टिप्पणी नहीं कर सकता, क्योंकि जब तक यह प्रस्ताव अध्यक्ष की अनुमति से बीएसी की ओर से पारित नहीं हो जाता, मेरे लिए कुछ कहना मुश्किल है।"

उन्होंने पहले ‘पीटीआई-’ को बताया था कि वर्मा को हटाने के प्रस्ताव पर सभी राजनीतिक दल सहमत हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)