नयी दिल्ली, 25 दिसंबर दिल्ली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जागरूकता अभियानों के पोस्टर में बल के 70 से अधिक ऐसे कर्मियों को चेहरा बनाया गया है, जिन्होंने अच्छे काम, जांच और मानवीय कार्यों के चलते सराहना हासिल की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
ये पोस्टर आईआईटी, सरोजिनी नगर, आश्रम, आईएनए, ग्रेटर कैलाश, आईटीओ और पंचशील जैसे मेट्रो स्टेशनों पर आसानी से देखे जा सकते हैं। इनमें चित्रित कर्मियों को साइबर या अन्य प्रकार की धोखाधड़ी को लेकर जनता को सतर्क करते देखा जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, इन पुलिसकर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कार के रूप में बल के जागरूकता अभियान का चेहरा बनाने का विचार दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा का है।
इस तरह के एक पोस्टर का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को दिल्ली पुलिस के पोर्टल पर खुद को पंजीकृत करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि टीम उनसे मिलने जा सके और उन सोसाइटी का सुरक्षा ऑडिट कर सके, जहां वे रह रहे हैं।
पुलिस उपायुक्त (पीआरओ) सुमन नलवा ने कहा कि पुलिसकर्मियों को प्रिंट मीडिया में भी जागरूकता अभियान के लिए मॉडल के रूप में चित्रित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "यह हमारी अनूठी पहलों में से एक है, जिसके माध्यम से हम न केवल दिल्लीवासियों तक अपना संदेश पहुंचा रहे हैं, बल्कि वर्दीधारी अपने पुरुषों और महिलाओं का मनोबल भी बढ़ा रहे हैं।"
नलवा ने कहा, "उनका (पोस्टरों में दिखने वाले पुलिसकर्मी) फीडबैक इस मायने में अद्भुत रहा है कि वे एक हस्ती की तरह महसूस करते हैं। उनके परिवार गर्व महसूस करते हैं और बच्चे उन्हें अपने स्कूलों में दिखाते हैं। इससे उन्हें एक बड़े मंच पर पहचान मिली है क्योंकि हम सोशल मीडिया पर भी उनके काम का प्रदर्शन करते हैं।"
उन्होंने कहा, "उनमें से कई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। इसलिए कुल मिलाकर प्रभाव बहुत सकारात्मक और बहुत प्रेरक रहा है।"
साइबर ठगी के खिलाफ जनता को आगाह करने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ इस महीने की शुरुआत में इस पहल की शुरुआत की गई थी।
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