ताजा खबरें | देश में अभी 13 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत, 2826 चार्जिंग स्टेशन चालू : गडकरी

नयी दिल्ली, 20 जुलाई सरकार ने बुधवार को संसद में कहा कि देश में अभी 13 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन (ई-वाहन) पंजीकृत हैं वहीं 2826 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन (पीसीएस) चालू हैं।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि 14 जुलाई 2022 की स्थिति के अनुसार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल संख्या 13,34,385 है और इनमें आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप के आंकड़े शामिल नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) के अनुसार देश में कुल 2826 पीसीएस चालू हैं।

गडकरी ने कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय के चरण -दो (फेम इंडिया चरण दो) में इलेक्ट्रिक वाहनों तेजी से अपनाए जाने और विनिर्माण के लिए योजना के तहत, 68 शहरों में 2877 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन और 9 एक्सप्रेसवे तथा 16 राजमार्गो पर 1576 चार्जिंग स्टेशन स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि अंतरराष्ट्रीय सड़क संघ, जिनेवा द्वारा पेश विश्व सड़क सांख्यिकी के ताजा अंक के अनुसार भारत में 2020 में 1.5 लाख सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं जो दुनिया के 207 देशों में दर्ज कुल सड़क दुर्घटनाओं का 26.37 प्रतिशत है।

गडकरी ने बताया कि भारत में 27,25,87,170 पंजीकृत वाहन हैं जो 207 देशों में पंजीकृत कुल 2,05,81,09,486 वाहनों का 13.24 प्रतिशत है।

यह पूछे जाने पर कि क्या मंत्रालय को ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि देश में बनाओ-चलाओ-हस्तांतरित करो (बीओटी) के तहत समझौते की अवधि समाप्त होने और लागत की वसूली के बाद भी विभिन्न सड़कों पर पथकर वसूला जा रहा है।

इसके जवाब में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा, ‘‘ जी हां। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण में प्रयोक्ता शुल्क के संग्रह के संबंध में अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांग्रेस और कोल्हापुर जिला लॉरी ऑपरेटर्स एसोसिएशन से शिकायतें मिली हैं।’’

गडकरी ने कहा कि 30 जून 2022 तक, बीओटी ऑपरेटर 214 शुल्क प्लाजा पर उपयोगकर्ता शुल्क एकत्र कर रहे हैं।

उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1,056 पुरुष और 1,060 महिला शौचालय हैं।

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