देश की खबरें | धनशोधन मामला : राकांपा विधायक रोहित पवार ईडी के समक्ष पेश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार के पोते और विधायक रोहित पवार महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले से जुड़े धनशोधन के मामले में पूछताछ के लिए बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मुंबई, 24 जनवरी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार के पोते और विधायक रोहित पवार महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले से जुड़े धनशोधन के मामले में पूछताछ के लिए बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
राकांपा सांसद सुप्रिया सुले और पार्टी के अन्य नेता 38 वर्षीय रोहित पवार के साथ जांच एजेंसी के कार्यालय के द्वारा तक गए। विधायक पूर्वाह्न करीब 10.30 बजे दक्षिण मुंबई के बलार्ड एस्टेट स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे।
ईडी कार्यालय पहुंचने से पहले रोहित पवार पास में स्थित राकांपा कार्यालय गए और शरद पवार से मुलाकात की, उनके पैर छुए और पार्टी के अन्य नेताओं से बातचीत की।
उन्होंने विधान भवन का भी दौरा किया और छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा और भारतीय संविधान की पट्टिका पर श्रद्धांजलि अर्पित की। रोहित पवार के ईडी कार्यालय में दाखिल होने से पहले सुले ने उन्हें भारतीय संविधान की एक प्रति सौंपी।
सुले ने रोहित पवार को गले लगाया । उन्होंने जांच एजेंसी के कार्यालय में प्रवेश करने से पहले सुप्रिया के पैर छुए।
राकांपा के राज्यभर से आए सैकड़ों कार्यकर्ता दक्षिण मुंबई स्थित पार्टी कार्यालय में एकत्र हुए। उन्होंने रोहित पवार के समर्थन में नारे लगाए और ईडी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
राकांपा कार्यालय में दाखिल होते हुए रोहित पवार ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पहले भी जांच में एजेंसियों के साथ सहयोग किया है और भविष्य में भी ऐसा करेंगे।
कजरत जामखेड से राकांपा विधायक रोहित पवार ने कहा,‘‘अधिकारी अपना काम कर रहे हैं, उन्होंने जो भी दस्तावेज मांगे हैं, हमने उन्हें दे दिया है। मैं उनके सामने पेश होऊंगा और वे जो भी जानकारी मांगेंगे मैं उन्हें दूंगा।’’
महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक धनशोधन मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा अगस्त 2019 में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है।
ईडी ने पांच जनवरी को रोहित पवार के स्वामित्व वाली कंपनी बारामती एग्रो और बारामती, पुणे, औरंगाबाद एवं कुछ अन्य स्थानों पर उनसे जुड़े कुछ परिसरों की तलाशी ली थी।
यह मामला बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया गया। अदालत ने यह आदेश एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया था जिसमें महाराष्ट्र सहकारी क्षेत्र में कथित धोखाधड़ी कर और औने-पौने दाम में बेचने का आरोप लगाया गया था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 24, 2024 03:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

