पोर्ट मोरेस्बी, 22 मई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पापुआ न्यू गिनी के अपने समकक्ष जेम्स मारापे और गवर्नर जनरल बॉब डाडे से अलग-अलग वार्ता की तथा दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया।
इस द्वीपीय देश की पहली यात्रा पर रविवार को यहां पहुंचे मोदी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत तथा 14 प्रशांत द्वीप देशों के बीच एक अहम शिखर सम्मेलन की मेजबानी भी करेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पोर्ट मोरेस्बी में इला बीच के किनारे स्थित ऐतिहासिक एपेक हाउस पहुंचे। प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। दोनों नेता क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए एफआईपीआईसी तृतीय शिखर सम्मेलन की सह-मेजबानी करेंगे।’’
बागची के अनुसार, दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने, जलवायु परिवर्तन से निपटने संबंधी कदमों के साथ ही लोगों के बीच परस्पर संबंधों को मजबूत करने समेत कई मुद्दों पर बातचीत की।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत-पापुआ न्यू गिनी के संबंधों में तालमेल बैठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री जेम्स मारापे से सार्थक द्विपक्षीय बैठक की। प्रधानमंत्री मोदी ने पोर्ट मोरेस्बी में एफआईपीआईसी तृतीय शिखर सम्मेलन की सह-मेजबानी के लिए प्रधानमंत्री मारापे की सराहना की।’’
उन्होंने कहा, ‘‘व्यापार तथा निवेश, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण, कौशल विकास और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा की गयी। जलवायु परिवर्तन से निपटने संबंधी कदमों और लोगों के बीच परस्पर संबंधों को बढ़ावा देने से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत की गयी।’’
एफआईपीआईसी का गठन 2014 में प्रधानमंत्री मोदी की फिजी यात्रा के दौरान किया गया था। यह शिखर सम्मेलन ऐसे वक्त में हो रह है जब चीन क्षेत्र में अपनी सैन्य और कूटनीतिक ताकत बढ़ाने के प्रयास कर रहा है।
मारापे के साथ हाथ मिलाते हुए अपनी एक तस्वीर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री जेम्स मारापे और मैंने काफी सार्थक बातचीत की जिसमें भारत और पापुआ न्यू गिनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों के हर पहलू पर चर्चा की गयी। हमने वाणिज्य, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य देखभाल तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने में सहयोग के तरीकों पर चर्चा की।’’
बैठक के दौरान मोदी और मारापे ने तमिल में लिखी काव्य रचना ‘तिरुक्कुरल’ का पापुआ न्यू गिनी की टोक पिसिन में अनुवादित कृति का विमोचन भी किया।
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