आइजोल, पांच जुलाई मिजोरम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) ने बुधवार को कहा कि वह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने के किसी भी कदम का कड़ा विरोध करेगी और उसने राज्य के लोगों से सामूहिक रूप से इसका विरोध करने की अपील भी की।
इससे पहले मंगलवार को, सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) और राज्य के प्रमुख गिरजाघरों के नेताओं के समूह मिजोरम कोहरान ह्रुएट्यूट कमेटी (एमकेएचसी) ने देश में यूसीसी के कार्यान्वयन पर आपत्ति जताते हुए भारत के विधि आयोग को एक पत्र भी लिखा है।
कांग्रेस की मिजोरम इकाई के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व राज्यसभा सदस्य रोनाल्ड सापा तलाऊ ने आइजोल में संवाददाताओं से कहा कि नयी दिल्ली में मौजूद एमपीसीसी के अध्यक्ष लालसावता यूसीसी पर आपत्ति जताते हुए भारत के विधि आयोग को एक पत्र सौंपेंगे।
उन्होंने कहा कि यूसीसी को कानून बनाने के कदम का राज्य के सभी लोगों को विरोध करना चाहिए।
रोनाल्ड सापा तलाऊ ने कहा, ‘‘यह जरूरी है कि हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की रक्षा और सुरक्षा के लिए सभी लोग सामूहिक रूप से इसका विरोध करें। ’’
मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने मंगलवार को भारत के विधि आयोग को पत्र लिखकर कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) सामान्य रूप से जातीय अल्पसंख्यकों और विशेष रूप से मिजोरम के लोगों के हितों के खिलाफ हैं।
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