जरुरी जानकारी | खाद्य तेल-तिलहनों में मिला जुला रुख
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में मिले जुले रुख के बीच बृहस्पतिवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सरसों तिलहन, सोयाबीन तेल तिलहन, बिनौला और पामोलीन एक्स-कांडला तेल कीमतों में मजबूती रही जबकि सरसों तेल, मूंगफली तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन दिल्ली तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
नयी दिल्ली, छह जुलाई विदेशी बाजारों में मिले जुले रुख के बीच बृहस्पतिवार को दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सरसों तिलहन, सोयाबीन तेल तिलहन, बिनौला और पामोलीन एक्स-कांडला तेल कीमतों में मजबूती रही जबकि सरसों तेल, मूंगफली तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन दिल्ली तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि फिलहाल मलेशिया एक्सचेंज एक प्रतिशत की मजबूती है और शिकॉगो एक्सचेंज में गिरावट है।
सूत्रों ने कहा कि नीचे भाव पर किसानों के बिक्री नहीं करने से सरसों तिलहन में सुधार है जबकि आयातित सस्ते तेलों की मौजूदगी के कारण मांग स्थिर रहने से सरसों तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। सस्ते आयातित तेलों के कारण सोयाबीन की उत्पादन लागत निकालने की मुश्किलों के बीच इस बार बरसात लगभग सामान्य होने के बावजूद किसान कम बुवाई कर रहे हैं जो भविष्य के लिए कोई अच्छा संकेत नहीं है। इन्हीं वजहों से सोयाबीन तेल तिलहन के भाव मजबूत हुए हैं।
उन्होंने कहा कि आयात करने में सोयाबीन डीगम मंहगा बैठता है। सोयाबीन में सुधार का एक कारण यह भी है कि जिस तेल को आयात करने का भाव लगभग 90 रुपये किलो बैठता है उसका बंदरगाह पर बिक्री भाव पहले 86 रुपये था जो आज सुधरकर 87 रुपये किलो हो गया। यानी अभी भी गिरावट ही है लेकिन पिछले दिन के मुकाबले इसे सुधार ही कहा जायेगा।
आवक घटने और नमकीन बनाने वाली मिलों की मांग के कारण बिनौलातेल कीमतों में सुधार आया।
सूत्रों ने कहा कि अभी तक की स्थिति के अनुसार, देश में तिलहन खेती का घटा हुआ रकबा, कोई अच्छा संकेत नहीं है। किसानों का रुख लाभ देने वाली फसलों, विशेष रूप से मोटे अनाज की ओर जाता दिख रहा है। अब देश के खाद्यतेल के आयात बढ़ने के साथ साथ भारी मात्रा में बहुमूल्य विदेशीमुद्रा खर्च करनी पड़ सकती है जो अगर देश के किसानों के पास तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए गया होता तो उनकी क्रय शक्ति बढ़ती और अर्थव्यवस्था में भी गति आती। एक खतरा यह भी है कि निर्भरता बढ़ते जाने पर विदेशों में दाम बढ़ने लगें तो हमारे पास कौन से विकल्प रह जायेंगे ?
बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,135-5,235 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,650-6,710 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,625 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,470-2,745 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,120 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,705 -1,785 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,705 -1,815 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,7 00 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,300 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,200 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,600 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,650 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 5,160-5,255 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,925-5,020 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 06, 2023 09:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

