देश की खबरें | ‘मिशन कर्मयोगी’ एतिहासिक, लोक सेवा में नई कार्य संस्कृति की होगी शुरूआत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नौकरशाही में व्यापक सुधार के लिए राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम (एनपीसीएससीबी) ‘मिशन कर्मयोगी’ को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मिली मंजूरी को एतिहासिक बताते हुए कहा कि यह अलग-अलग काम करने की संस्कृति को समाप्त कर एक नई कार्य संस्कृति की शुरूआत करेगा।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, दो सितम्बर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नौकरशाही में व्यापक सुधार के लिए राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम (एनपीसीएससीबी) ‘मिशन कर्मयोगी’ को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मिली मंजूरी को एतिहासिक बताते हुए कहा कि यह अलग-अलग काम करने की संस्कृति को समाप्त कर एक नई कार्य संस्कृति की शुरूआत करेगा।

शाह ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार भविष्यमुखी सिविल सेवा निर्माण के प्रति कटिबद्ध है।

यह भी पढ़े | कोरोना के महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में 17433 नए केस, 292 की मौत: 2 सितंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “इस दूरदर्शी सुधार के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का धन्यवाद करता हूँ। यह समग्र और विस्तृत योजना व्यक्तिगत के साथ-साथ संस्थागत क्षमता के निर्माण पर केन्द्रित होगी।’’

उन्होने कहा, “यह 21वीं सदी के लिए एक ऐतिहासिक सुधार है जो अलग-अलग काम करने की संस्कृति को समाप्त कर एक नई कार्य संस्कृति की शुरूआत करेगा।’’

यह भी पढ़े | Martyr Subedar Rajesh Kumar: सूबेदार राजेश कुमार पाकिस्तान की सेना से लोहा लेते हुए शहीद, सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 50 लाख रुपए और परिवार में एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का किया ऐलान.

शाह ने कहा कि व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लक्ष्य आधारित और निरंतर प्रशिक्षण व्यवस्था से सिविल सेवक सशक्त व संवेदनशील बनेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सुधार सरकारी कर्मचारियों को अपना प्रदर्शन बेहतर करने का तंत्र प्रदान करने के साथ ही उन्हें ‘‘न्यू इंडिया’’ की अपेक्षाओं को साकार करने योग्य भी बनायेगा

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज नौकरशाही में व्यापक सुधार के लिए ‘मिशन कर्मयोगी’ को मंजूरी दे दी। इसका उद्देश्य ऐसे लोक सेवक तैयार करना है, जो अधिक रचनात्मक, चिंतनशील, नवाचारी, व्यावसायिक और प्रौद्योगिकी-सक्षम हों।

ब्रजेन्द्र

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\