नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी निजी सेटेलाइट टेलीविजन चैनलों से कार्यक्रम संहिता का पालन करने को कहा और इस बात पर जोर दिया कि किसी कार्यक्रम में किसी व्यक्ति या कुछ समूहों की आलोचना, मानहानि और छवि खराब नहीं होनी चाहिए।
अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह की दिल्ली उच्च न्यायालय में दाखिल एक याचिका के मद्देनजर यह परामर्श आया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के प्रकरण से जुड़े मादक पदार्थ मामले की जांच के सिलसिले में उनके खिलाफ मानहानिजनक कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।
मंत्रालय ने अपने परामर्श में कहा कि उसने पहले भी कई बार निजी सेटेलाइट टीवी चैनलों को परामर्श जारी किया है कि केबल टेलीविजन नेटवर्क (नियमन) अधिनियम, 1995 के तहत निर्दिष्ट कार्यक्रम और विज्ञापन संहिताओं तथा उनके तहत बनाये गये नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए विषयवस्तु प्रसारित करें।
परामर्श में कहा गया है कि कार्यक्रम संहिता के प्रावधानों की ओर ध्यान आकृष्ट किया जाता है जिसके अनुसार किसी कार्यक्रम में कुछ भी अश्लील, मानहानिजनक, झूठ और आधी सत्य बातें नहीं होनी चाहिए।
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मंत्रालय ने कहा कि संहिता के अनुसार किसी कार्यक्रम में किसी व्यक्ति या कुछ समूहों, देश के सामाजिक, सार्वजनिक और नैतिक जीवन के हिस्सों की आलोचना, मानहानि या छवि खराब नहीं होनी चाहिए।
उसने कहा, ‘‘सभी निजी सेटेलाइट टीवी चैनलों से अनुरोध है कि उक्त निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।’’
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