नयी दिल्ली, तीन जनवरी भारतीय चीनी मिलें निर्यात सौदों से पहले अभी वैश्विक स्तर पर चीनी कीमतों में बढ़ोतरी का इंतजार कर रही हैं। उद्योग निकाय इस्मा ने सोमवार को यह जानकारी दी है।
एक बयान में कहा गया है कि कच्चे चीनी की वैश्विक कीमतों में गिरावट के कारण पहले किये जा चुके 38-40 लाख टन निर्यात अनुबंधों से आगे पिछले एक महीने में चीनी के कोई खास निर्यात अनुबंध नहीं हुए।
भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने कहा, ‘‘चूंकि चालू सत्र के लिए अब भी लगभग नौ महीने बाकी हैं, इसलिए मिलें अभी भी आगे के निर्यात अनुबंधों के लिए उपयुक्त समय की प्रतीक्षा कर रही हैं।’’
चालू 2021-22 सत्र की अक्टूबर-नवंबर अवधि के दौरान, चीनी मिलों ने 6.5 लाख टन चीनी का निर्यात किया, जो एक साल पहले की समान अवधि में तीन लाख टन से अधिक था।
इस्मा ने कहा कि घरेलू बाजार में चीनी मिलों ने अक्टूबर-नवंबर के दौरान 47.50 लाख टन चीनी बेची, जबकि इसी अवधि के लिए सरकार ने 46.50 लाख टन बिक्री कोटा निर्धारित किया था।
समीक्षाधीन दो महीनों के दौरान कुल चीनी उत्पादन 115.55 लाख टन तक पहुंच गया, जबकि एक साल पहले की अवधि में यह 110.74 लाख टन था।
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