देश की खबरें | कभी गरीबों का मुख्य भोजन रहा बाजरा आज अमीरों की भी बन गया पसंद : पटेल

अहमदाबाद, आठ फरवरी गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को कहा कि कभी निम्न आय वर्ग और गरीब परिवारों का मुख्य भोजन रहा बाजरा (मोटा अनाज) अब अमीरों की शान बन गया है, यहां तक ​​कि शादियों में भी इसके विशेष स्टॉल लगते हैं।

पटेल ने दो दिवसीय राज्य स्तरीय ‘बाजरा महोत्सव एवं प्राकृतिक कृषक बाजार-2025’ का उद्घाटन करने के बाद कहा कि बाजरा आधारित खाद्य पदार्थ दुकानों और बाजारों तक पहुंच गए हैं और मोटे अनाज की पूरी आपूर्ति की प्रक्रिया का विकास हो रहा है।

पोषक तत्वों से भरपूर माने जाने वाले भारत में उपलब्ध कुछ सामान्य मोटे अनाजों में रागी, ज्वार, छोटा बाजरा, बाजरा और प्रोसो बाजरा शामिल हैं।

पटेल ने उद्घाटन के दौरान भाषण में कहा, ‘‘कुछ दशक पहले भारत में श्री अन्न (केंद्र द्वारा बाजरे को दिया गया नाम) का उपयोग निम्न आय और गरीब परिवारों के लोग भोजन के रूप में करते थे, लेकिन अब ये अमीर लोगों की भी पसंद बन गया है। यहां तक शादियों में भी बाजरे के विशेष ‘स्टॉल’ देखे जाते हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से लोगों के भोजन का हिस्सा रहे मोटे अनाज देश की विरासत हैं।

पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘बैक टू बेसिक’ के मंत्र के माध्यम से देश और दुनिया को स्वस्थ जीवन का रास्ता दिखाया, जिसमें ‘श्री अन्न’ की खेती और प्राकृतिक खेती का विस्तार शामिल है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पटेल ने अहमदाबाद जिले में गुजरात राज्य बीज निगम लिमिटेड के तीन गोदाम परिसरों और जामनगर जिले में एक गोदाम परिसर का भी उद्घाटन किया।

पटेल ने सात नगर पालिकाओं में बाजरा महोत्सव के कार्यक्रम के आयोजन के लिए राज्य कृषि विभाग को शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कई किसान उत्पादक संगठन(एफपीओ) भी आगे आए हैं और महिला स्वयं सहायता समूह बाजरा का उत्पाद करते हुए आत्मनिर्भर बन गए हैं।

कृषि मंत्री राघवजी पटेल ने कहा कि बाजरा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी उम्र के लोगों के लिए बहुत सेहतमंद है।

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