ताजा खबरें | महबूबा ने अनंतनाग-राजौरी सीट पर मतदान टालने पर निर्वाचन आयोग की आलोचना की

राजौरी/जम्मू, एक मई पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अनंतनाग-राजौरी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में मतदान की तारीख आगे बढ़ाने के फैसले को लेकर बुधवार को निर्वाचन आयोग की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मतदान को स्थगित करने के फैसले को सही ठहराने के लिए ‘गलत’ रिपोर्ट जमा की है।

अनंतनाग-राजौरी सीट पर सात मई को मतदान होना था लेकिन कई दलों के अनुरोध के बाद निर्वाचन आयोग ने मतदान की तारीख बदलकर 25 मई कर दी।

इस सीट से पीडीपी उम्मीदवार महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह चुनाव भारत सरकार को लोगों की ओर से जवाब देने के लिए है कि अनुच्छेद-370 को निरस्त करना और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करना उन्हें स्वीकार्य नहीं है।

महबूबा ने राजौरी के बाहरी इलाके में रोड शो के दौरान लोगों से कहा, ‘‘उन्होंने (निर्वाचन आयोग) चुनाव की तारीख बढ़ा दी है जिससे मुझे (प्रचार करने में) मुश्किल हो रही है। गरीब (पार्टी) कार्यकर्ता हमारे चुनाव प्रचार के लिए अपनी जेब से भुगतान कर रहे हैं। अब उन्हें और 25 दिन तक काम करना होगा।’’

निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजौरी-पुंछ में चुनाव प्रचार करने के दौरान पीडीपी अध्यक्ष ने अधिकारियों पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि चुनाव टालने के कारणों का उन्होंने खुलासा नहीं किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम कारण जानना चाहते हैं। क्या ये अधिकारी भी निर्वाचन आयोग की राय के साथ हैं? हम जानना चाहते हैं। उन्होंने (आयोग को) गलत रिपोर्ट दी है।’’

महबूबा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मतदाताओं के बीच भय पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘कल एक वीडियो प्रसारित हुआ है जिसमें एक भाजपा नेता लोगों को धमकाते दिख रहा है और कह रहा है कि अगर उसके छद्म उम्मीदवार के पक्ष में मतदान नहीं किया तो 1947 जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी।’’

उन्होंने मौजूदा चुनाव के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘यह चुनाव बिजली और सड़क के लिए नहीं है। यह चुनाव 2019 में लिए गए फैसले को लेकर है जिसे हम मानते हैं कि गलत था।’’

पीडीपी प्रमुख ने कहा कि यह चुनाव केंद्र सरकार के उस फैसले के खिलाफ और स्पष्ट संदेश देने का है कि उसके द्वारा लिया गया फैसला (अनुच्छेद-370 को निरस्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने)लोगों को स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हमारी पहचान, हमारी जमीन, हमारी नौकरी, हमारी मिट्टी, वे सब कुछ हमसे छीनना चाहते हैं। जम्मू-कश्मीर की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)