नयी दिल्ली, 21 अगस्त मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. (एमईआईएल) जोजिला पास सुरंग परियोजना के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में सामने आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं संरचना विकास निगम लि. (एनएचआईडीसीएल) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। परियोजना पूरी होने पर जम्मू-कश्मीर तथा संघ शासित प्रदेश लद्दाख के बीच पूरे साल बाधारहित आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।
इस परियोजना की दौड़ में लार्सन एंड टुब्रो तथा इरकॉन इंटरनेशनल सहित तीन कंपनियां थी। हैदराबाद मुख्यालय वाली कंपनी ने इस सुरंग परियोजना के लिए सबसे कम 4,509.5 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। यह परियोजना करीब छह साल से अटकी है।
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परियोजना रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि जोजिला पास श्रीनगर-कारगिल- लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर 11,578 फुट की ऊंचाई पर है और सर्दियों में भारी बर्फबारी की वजह से बंद रहता है।
एनएचआईडीसीएल के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘एमईआईएल ने जोजिला पास सुरंग के लिए सबसे कम 4,509.5 करोड़ रुपये की बोली लगाई है।’’
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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले महीने कहा था कि इस परियोजना पर काम जल्द शुरू होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई, 2018 में इस परियोजना का शिलान्यास किया था। इसे एशिया की सबसे बड़ी द्वि-दिशा सुरंग कहा जा रहा है। शिलान्यास के कुछ माह बाद ही एनएचआईडीसीएल ने 15 जनवरी, 2019 को संकट में फंसे आईएलएंडएफएस समूह की कंपनी आईएलएंडएफएस ट्रांसपोर्टेशन को दिया गया अनुबंध रद्द कर दिया था। कंपनी ने वित्तीय समस्याओं के चलते परियोजना को छोड़ने का फैसला किया था।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसी साल एनएचआईडीसीएल के संघ शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-1 के सोनमर्ग-कारगिल मार्ग के जोजिला पास पर 14.15 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने के लिए बोलियां आमंत्रित की थीं।
अजय
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