नयी दिल्ली, 19 जून मानसून से पहले दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अबतक 17.94 लाख से अधिक मकानों का सर्वेक्षण किया है जिसमें पता चला कि चार मकान ‘खतरनाक दशा’ में पहुंच चुके हैं जबकि चार को ‘तत्काल मरम्मत’ की जरूरत है।
निगम ने अबतक अपने विभिन्न जोन में करीब 64 प्रतिशत मकानों का वार्षिक सर्वेक्षण पूरा कर लिया है।
दक्षिण जोन जैसे क्षेत्रों में सर्वेक्षण पूरा हो गया है तथा करोल बाग में 98.73 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
अठारह जून तक तैयार की गयी रिपोर्ट के मुताबिक नजफगढ़ जोन में सबसे अधिक 2,41,931 मकानों का सर्वेक्षण किया गया। दक्षिण जोन में 2,37,118 मकानों तथा मध्य जोन में 2,12,811 मकानों का निरीक्षण किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार ‘शाहदरा दक्षिण जोन’ में एक मकान की पहचान ए (मरम्मत) श्रेणी के तहत मरम्मत लायक मकान के रूप में की गयी जबकि रोहिणी जोन में तीन मकानों की पहचान बी (निर्माण) श्रेणी के तहत फिर निर्माण किये जाने लायक मकान के रूप में की गयी।
निगम ने शाहदरा दक्षिण जोन में चार मकानों की पहचान खतरनाक श्रेणी के मकानों के रूप में की है जो जर्जर स्थिति के कारण कभी भी गिर सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक एक से 14 जून के दौरान इन मकानों का सर्वेक्षण किया गया ।
निगम के अधिकारियों ने खतरनाक स्थिति में पहुंच गये और मरम्मत लायक मकानों के खिलाफ की गयी कार्रवाई के बारे में कुछ भी बताने से इनकार किया।
ऐसे मकानों की पहचान की प्रक्रिया फिलहाल जारी है ताकि वर्षा के मौसम के दौरान किसी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानूसन के इस महीने के आखिर तक दिल्ली में पहुंचने की संभावना है।
निगम के 12 जोन में कुल 27,66,198 मकान हैं।
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