मई महीना कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई मे ‘जीत या हार’ के लिये हो सकता अहम:मेडिकल विशेषज्ञ
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नयी दिल्ली, 30 अप्रैल लॉकडाउन खत्म होने की समय सीमा तीन मई नजदीक आ रही है जबकि मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि अगला महीना कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में ‘‘जीत या हार’’ के लिये अहम साबित हो सकता है और ‘हॉटस्पॉट’ क्षेत्रों के लिये आक्रामक रणनीति की जरूरत है।

विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया है कि रेलवे, हवाई यात्रा, अंतरराज्यीय बस सेवाएं, मॉल, शॉपिंग कॉम्पलेक्स, धार्मिक स्थल सहित अन्य स्थानों को कम से कम मई महीने तक बंद रखा जाए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मुख्यमंत्रियों से कहा था कि देश को कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई जारी रखते हुए अर्थव्यवस्था को महत्व देना होगा।

केंद्र ने बुधवार को इस बारे में स्पष्ट संकेत दिये कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को तीन मई से आगे भी बढ़ाया जाएगा, लेकिन कई जिलों में लोगों और सेवाओं को कुछ छूट दी जाएगी।

मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि ‘रेड जोन’ में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये सख्त कदम उठाने की रणनीति और पाबंदियों में कुछ ढील देते हुए ‘ग्रीन जोन’ में संक्रमण को पहुंचने से रोकना जरूरी है।

आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को कहा कि देश में कोविड-19 हॉटस्पॉट (कोरोना वायरस के अत्यधिक संक्रमण के मामले वाले) जिले पखवाड़े भर पहले 170 से घट कर 129 हो गये हैं लेकिन इसी अवधि में संक्रमण मुक्त जिले या ‘ग्रीन जोन’ भी 325 से घट कर 307 रह गये हैं।

फोर्टिस नोएडा के फेफड़ा रोग एवं आईसीयू विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि लॉकडाउन वायरस को खत्म नहीं करेगा, यह सिर्फ इसके प्रसार को धीमा करेगा।

उन्होंने सुझाव दिया कि ‘रेड जोन’ में करीब दो हफ्तों के लिये तथा कुछ और समय के लिये लॉकडाउन जारी रखना चाहिए। वहीं ‘ग्रीन जोन’ में पाबंदियां हटा दी जाएं, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां ‘रेड जोन’ के लोगों का आना-जाना नहीं हो।

उन्होंने पीटीआई- से कहा कि मई कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई जीतने या हारने के लिये अहम महीना साबित हो सकता है और यह जरूरी है कि जिन स्थानों पर नये मामले सामने आ रहे हैं, वहां पाबंदियां जारी रखी जाएं।

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