जरुरी जानकारी | कमजोर वैश्विक रुख से मामूली बढत के साथ बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 39.55 अंक रहा ऊंचा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कमजोर वैश्विक रुख के बीच वायदा एवं विकल्प खंड में अनुबंधों की समाप्ति से बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को मामूली 39.55 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी हल्की तेजी रही। यह लगातार पांचवां कारोबारी सत्र है, जब बाजार बढ़त के साथ बंद हुये।
मुंबई, 27 अगस्त कमजोर वैश्विक रुख के बीच वायदा एवं विकल्प खंड में अनुबंधों की समाप्ति से बीएसई सेंसेक्स बृहस्पतिवार को मामूली 39.55 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी हल्की तेजी रही। यह लगातार पांचवां कारोबारी सत्र है, जब बाजार बढ़त के साथ बंद हुये।
शुरू में बाजार में अच्छी तेजी थी लेकिन कारोबार समाप्त होने तक यह तेजी बरकरार नहीं रह पायी।
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तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स एक समय 39,326.98 के उच्च स्तर तक चला गया था लेकिन बाद में कोरोबार के अंतिम घंटे में बिकवाली दबाव के कारण नीचे आ गया। अंत में यह 39.55 अंक यानी 0.10 प्रतिशत ऊंचा रहकर 39,113.47 अंक पर बंद हुआ।
एनएसई निफ्टी भी 9.65 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 11,559.25 अंक पर बंद हुआ।
पिछले पांच सत्रों में सेंसेक्स 893.08 अंक मजबूत हो चुका है जबकि निफ्टी में 247.05 अंक की तेजी आयी है।
सेंसेक्स के शेयरों में सर्वाधिक लाभ में इंडसइंड बैंक रहा। इसमें 6.59 प्रतिशत की तेजी आयी। इसके साथ महिंद्रा एंड महिंद्रा, एसबीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, सन फार्मा और मारुति में भी तेजी रही।
दूसरी तरफ जिन शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी, उनमें ओएनजीसी, बजाज ऑटो, कोटक बैंक अल्ट्रा टेक सीमेंट और भारती एयरटेल शामिल हैं। इनमें 1.47 प्रतिशत तक की गिरावट रही।
आनंद राठी में इक्विटी शोध प्रमुख (फंडामेंटल) नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि बढ़त के साथ खुलने के बाद बाजार दोपहर के कारोबार में भी सकारात्मक दायरे में रहा। इसका कारण कारोबारियों को आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के बयान से उत्साहित होना है। उन्होंने कहा कि नई समाधान रूपरेखा से कर्जदाताओं को कोविड-19 संकट के बीच टिकाऊ राहत मिलेगी।
कारोबारियों के अनुसार हालांकि, अगस्त महीने के वायदा एवं विकल्प खंड में अनुबंध की समाप्ति से प्रतिभागी थोड़े सतर्क रहे।
उधर, वैóश्विक निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक की सालाना जैकसन होल संगोष्ठि में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के संबोधन से कुछ संकेत मिलने का इंतजार कर रहे हैं। पूर्व में अधिकारी इसमें बाजार को गति देने वाली घोषणा करते रहे हैं। इस बार कार्यक्रम डिजिटल तरीके से हो रहा है।
वैश्विक स्तर पर एशिया के अन्य बाजारों में चीन में हांकांग, जापान का तोक्यो और दक्षिण कोरिया का सोल नुकसान में रहे जबकि चीन के शंघाई बाजार में तेजी रही।
शुरूआती कारोबार में यूरोप के प्रमुख बाजारों में गिरावट दर्ज की गयी।
उधर, वैóóश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.04 प्रतिशत बढ़कर 46.18 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
इस बीच, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 48 पैसे उछलकर 73.32 पर बंद हुआ। आरबीआई के गवर्नर दास के बयान से रुपये में मजबूती आयी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक के पास कोविड-19 संकट से निपटने के लिये अभी और उपाय बचे हैं।
दास ने यह भी कहा कि कर्ज देने से बचने की जगह बैंकों को अपने जोखिम प्रबंधन और प्रशासनिक ढांचे में सुधार करना चाहिए और खुद में पर्याप्त लचीलापन लाना चाहिए।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2020 05:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

