मुंबई, 18 जुलाई वैश्विक समुद्री भारत शिखर सम्मेलन का तीसरा संस्करण अक्टूबर में आयोजित किया जाएगा और इसमें भविष्य के बंदरगाहों, कॉर्बन में कमी, तटीय पोत परिवहन और अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन सहित विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
तीन दिन के शिखर सम्मेलन के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में सोनोवाल ने कहा कि बंदरगाहों, पोत परिवहन और अंतर्देशीय जलमार्गों के इर्द-गिर्द सक्रिय सरकारी नीतियों के कारण देश का समुद्री क्षेत्र विकास के लिए तैयार है।
शिखर सम्मेलन 17 अक्टूबर से राष्ट्रीय राजधानी में उद्योग मंडल फिक्की के सहयोग से आयोजित किया जाएगा और इसमें लगभग 50 देशों के भाग लेने की उम्मीद है।
एक विज्ञप्ति के अनुसार, शिखर सम्मेलन का उद्देश्य व्यापार में सहयोग बढ़ाने और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए ज्ञान और प्रौद्योगिकी के सहयोग के साथ-साथ नए निवेश के अवसरों की संभावनाओं को उजागर करना है।
सोनोवाल और उनके मंत्रालय के उपमंत्री श्रीपद नाइक सहित अन्य लोग इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।
सोनोवाल ने कहा, ‘‘भारत के समुद्री क्षेत्र की विशाल क्षमता 2047 तक आत्मनिर्भर भारत की ओर आर्थिक चक्र को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार ने देश के समुद्री क्षेत्र में 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश के अवसरों की पहचान की है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY