ताजा खबरें | अमृत भारत स्टेशनों के पुनर्विकास में झारखंड सहित कई राज्य रूचि नहीं ले रहे: अश्विनी वैष्णव

नयी दिल्ली, 20 दिसम्बर सरकार ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास में कुछ राज्य सरकारें बिल्कुल रूचि नहीं ले रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार डिजाइन आदि को लेकर ऐसे उपाय कर रही है, जिसके कारण राज्य सरकारों की उदासीनता के बावजूद स्टेशनों का पुनर्विकास अवरुद्ध नहीं होगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे के एक पूरक प्रश्न के उत्तर में यह बात कही।

दुबे ने कहा कि बाबा वैद्यनाथ धाम के दर्शन के लिए पांच करोड़ यात्री आते हैं लेकिन झारखंड सरकार संबंधित रेलवे स्टेशनों -जसीडीह और मधुपुर- के विकास को लेकर उदासीन रवैया अपना रही है। उन्होंने पूछा कि ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार की क्या योजना है।

इस पर वैष्णव ने कहा कि इसमें पूरी तरह सच्चाई है कि कुछ राज्य सरकारें रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास में बिल्कुल रूचि नहीं ले रही हैं और झारखंड सरकार भी इनमें शामिल है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद रेलवे डिजाइन आदि को लेकर ऐसे कदम उठा रही है, जिससे इन स्टेशनों का विकास राज्य सरकारों की उदासीनता के कारण प्रभावित नहीं होगा।

वैष्णव ने एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि केंद्र सरकार ने पूरे देश में 1309 अमृत भारत स्टेशन के पुनर्विकास की योजना बनाई है और इनमें से 560 के पुनर्विकास पर तेजी से काम चल रहा है।

उन्होंने बताया कि ‘एक स्टेशन, एक उत्पाद’ योजना के तहत 800 से अधिक अमृत भारत स्टेशनों पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने और उनके निर्यात की बेहतर व्यवस्था की जा रही है।

भाजपा के ही जगदम्बिका पाल के एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशनों के पुनर्विकास के तहत संबंधित स्टेशन की स्थानीय विरासत और स्थापत्य कला आदि को भी ध्यान में रखा जाएगा।

बहुजन समाज पार्टी के सांसद श्याम सिंह यादव के एक पूरक प्रश्न के उत्तर में वैष्णव ने कहा कि पिछले साल पूरे देश में 1000 से अधिक रेलवे ‘फ्लाई ओवर’ और ‘अंडरपास’ का निर्माण किया गया है।

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