HIV रोकथाम के लिए भारत के मॉडल को अपना सकते हैं कई देश - केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बुधवार को कहा कि एचआईवी की रोकथाम के लिए भारत के मॉडल को कई देश अपनी स्थानीय जरूरत के हिसाब से अपना सकते हैं।
नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Union Minister Harsh Vardhan) ने बुधवार को कहा कि एचआईवी (HIV) की रोकथाम के लिए भारत के मॉडल को कई देश अपनी स्थानीय जरूरत के हिसाब से अपना सकते हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एचआईवी पर नियंत्रण के लिए वैश्विक रोकथाम गठबंधन (GPC) की मंत्री स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए हर्षवर्धन ने माना कि एड्स के नए संक्रमण को रोकने में वैश्विक पहल को उल्लेखनीय कामयाबी मिली है. रोकथाम की दिशा में चलायी जा रही विभिन्न सेवाओं तक लक्षित आबादी की पहुंच बनी है और एचआईवी पीड़ित लोगों को इलाज सेवा भी मिल रही है तथा एड्स संबंधी मृत्यु दर को घटाने में सहायता मिली है.
वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में हर्षवर्धन ने कहा कि संगठन ने ‘‘दुनिया को एक मॉडल दिखाया है जहां विभिन्न हितधारक साथ आ सकते हैं और समान लक्ष्य के लिए साथ मिलकर काम कर सकते हैं. एचआईवी की रोकथाम के लिए भारत के मॉडल के बारे में हर्षवर्धन ने कहा कि कार्यक्रम का मकसद पहुंच बनाना, सेवा की आपूर्ति, परामर्श देना, जांच करना और जुड़ाव महसूस कराना है। यह मॉडल लक्षित उपचार कार्यक्रम को लागू करने के साथ ‘सामाजिक जुड़ाव’ पर आधारित है और इसमें विभिन्न गैर सरकारी संगठनों का भी सहयोग मिलता है. यह भी पढ़े | ओडिशा में कोरोना के चलते छठ पर भी सूप और बास्केट बनाने वालों का कारोबार रहा फीका: 18 नवंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.
बयान में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के हवाले से बताया गया, ‘‘भारत के रोकथाम मॉडल को अपनी स्थानीय जरूरतों के हिसाब से कई देश अपना सकते हैं.अन्य रोकथाम और बीमारी नियंत्रण कार्यक्रमों के अनुभवों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है. हर्षवर्धन ने कहा कि एचआईवी की रोकथाम में मिली सफलता से कोविड-19 महामारी के दौरान देश को सहायता मिली। सरकार ने विभिन्न समुदायों, सामाजिक संगठनों, विकास भागीदारों को शामिल करते हुए तेजी से कदम उठाया.
वैश्विक एचआईवी रोकथाम गठबंधन (जीपीसी) की ओर से यूएनएड्स और यूनएएफपीए की मेजबानी में इस साल का सम्मेलन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र का लक्ष्य 2030 तक एड्स को खत्म करना है। जीपीसी के सदस्य राष्ट्रों ने 2020 के अंत तक एचआईवी के संक्रमण के नए मामलों में 75 प्रतिशत तक की कमी लाने के लक्ष्य पर काम करने के लिए सहमति जतायी है.
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 18, 2020 11:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

