इंफाल, 18 मार्च मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में ‘हमार’ और ‘जोमी’ समुदायों के बीच झड़प के मद्देनजर कर्फ्यू लगाए जाने के बाद, दोनों समुदायों के संगठन वहां ‘बंद’ को खत्म करने पर सहमत हो गए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों जनजातियों के शीर्ष संगठन ‘हमार इनपुई’ और ‘जोमी काउंसिल’ ने भी मिलकर काम करने और जिले में शांति बहाल करने का निर्णय लिया है।
हिंसा को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा बुलाई गई संयुक्त बैठक में ये निर्णय लिए गए।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘‘हमार इनपुई’ और ‘जोमी काउंसिल’ ने संयुक्त रूप से बंद खत्म करने और चुराचांदपुर जिले में सामान्य जीवन को बाधित करने वाली सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने पर सहमति व्यक्त की है।’’
यहां दोनों निकायों ने एक संयुक्त अपील में कहा, ‘‘हमार इनपुई और जोमी काउंसिल, जनता से शांत रहने और शहर में सामान्य जीवन को बाधित करने से बचने का आग्रह करती है।’’
इन दोनों निकायों ने ‘आने वाले दिनों में लोगों की शांति और सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने’ पर भी सहमति व्यक्त की।
चुराचांदपुर में ‘हमार’ और ‘जोमी’ समुदायों के बीच झड़प के बाद सोमवार को एहतियात के तौर पर कर्फ्यू लगा दिया गया था।
‘हमार’ जनजाति के एक नेता पर रविवार को कुछ हमलावरों द्वारा किए गए हमले के बाद यहां निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी।
मई 2023 से मेइती और कुकी-ज़ो समूहों के बीच हुई जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद केंद्र ने 13 फरवरी को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था और राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था। विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक था।
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