देश की खबरें | ममता ने भाजपा पर संदेशखालि में अशांति फैलाने का आरोप लगाया, कहा कि जरूरी कार्रवाई की गई

कोलकाता, 15 फरवरी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अशांत संदेशखालि में समस्या पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि इलाके में शांति बहाल करने के लिए हरसंभव आवश्यक कार्रवाई की गई है।

बनर्जी ने आरोप लगाया कि संदेशखालि पिछले कुछ सालों में सांप्रदायिक संघर्षों का केंद्र रहा है और क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का प्रभाव है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इलाके के अमन में खलल डालने के लिए बाहर से लोगों को बुला रही है।

बनर्जी ने राज्य विधानसभा में कहा कि अशांत संदेशखालि क्षेत्र में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं द्वारा स्थानीय लोगों पर कथित अत्याचारों को लेकर जिस क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन हो रहा है, उसका जिक्र करते हुए बनर्जी ने विधानसभा में कहा कि उन्होंने कभी किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया है और न ही होने देंगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम संदेशाखालि की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। किसी भी गलत काम में शामिल किसी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। मैंने वहां राज्य महिला आयोग को भेजा है और संदेशाखालि के लिए एक पुलिस दल गठित किया है।’’

बनर्जी ने कहा, ‘‘क्षेत्र में अशांति फैलाने के लिए एक भयानक साजिश रची जा रही है और राज्य सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई की है।’’

बुधवार को लगातार सातवें दिन संदेशखालि में विरोध प्रदर्शन जारी रहा, बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतर आईं और तृणमूल कांग्रेस नेता शाहजहां शेख और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी की मांग की।

शाहजहां शेख और उनके साथियों के खिलाफ आरोप हैं कि वे जबरन जमीन पर कब्जा करते हैं और महिलाओं का यौन उत्पीड़न करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह पता चला है कि किस तरह भाजपा कार्यकर्ताओं को लाया गया और योजनाबद्ध तरीके से हिंसा भड़काई गई। मुख्य निशाना शाहजहां शेख थे और ईडी ने उन्हें निशाना बनाते हुए इलाके में प्रवेश किया।’’

बनर्जी ने कहा, ‘‘इसके बाद उन्होंने वहां से सभी को बाहर निकाला और इसे आदिवासियों तथा अल्पसंख्यकों की लड़ाई की तरफ पेश किया।’’

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘यह नई बात नहीं है। वहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का आधार है। वहां 7-8 साल पहले दंगे हुए थे। यह दंगों के लिहाज से सबसे संवेदनशील स्थानों में से एक है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का एक दल लोगों की शिकायतें सुनने के लिए उनके घरों पर पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम बताए जाने वाले मुद्दों पर जरूर ध्यान देंगे। लेकिन मुझे कार्रवाई करने के लिए मामला पता होना जरूरी है।’’

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