जरुरी जानकारी | पांच राज्यों में मक्का किसानों को कृषि हस्तक्षेप का लाभ मिला : कोर्टेवा
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नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर कोर्टिवा एग्रीसाइंस ने मंगलवार को दावा किया कि महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे पांच राज्यों में उसके प्रयासों से मक्का उगाने वाले छोटे किसानों को लाभदायक खेती में मदद मिली है।
कोर्टिवा एग्रीसाइंस ने कहा है कि नए कृषि-तरीकों के प्रशिक्षण और अन्य हस्तक्षेपों के बीच फार्म मशीनीकरण को अपनाने के कारण छोटे किसानों की ‘आय में अच्छी वृद्धि’ हुई है।
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कोर्टेवा एग्रीसाइंस दक्षिण एशिया के विपणन निदेशक अरुणा रचकोंडा ने एक बयान में कहा, ‘‘हम पांच बड़े भारतीय क्षेत्रों में छोटे किसानों को सशक्त बनाने के लिए काम कर रहे हैं, ताकि वे अपने मकई की फसल उत्पादन में मशीनीकरण को अपना सकें और नई कृषि विधियों के बारे में प्रशिक्षण ले सकें जो पौधों की आबादी, फसल उत्पादकता को बढ़ाने को बढ़ाता है और किसानों का लाभ भी बढ़ाता है।’’
कोर्टेवा ने कहा कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और राजस्थान में, उसने चुनिंदा किसानों को रियायती कीमतों पर मक्का बीज की बुवाई करने वाले ‘कॉर्न सीड प्लांटर’ वितरित किया है और वहां की कृषि-जलवायु के लिए उपयुक्त उच्च उपज क्षमता एवं कम लागत वाली मक्का संकर बीज तक किसानों की पहुंच उपलब्ध कराई है।
कंपनी ने इन किसानों को एग्रोनोमिक प्रथाओं और बीज प्लांटर्स के उपयोग के बारे में प्रशिक्षित किया, किसानों के द्वारा सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए बीज और उर्वरक मशीनों के प्रदर्शनों को आयोजित की, मक्का सुखाने की एकदम दुरुस्त तरीकों की शुरुआत की और शीत भंडारण इकाइयों और साथ ही छंटाई, ग्रेडिंग और पैकिंग इकाइयों की स्थापना की।
फार्म मशीनीकरण के अलावा, कोर्टेवा ने 12,000 आदिवासी महिला मक्का किसानों को सशक्त बनाने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। इसमें कृषि विधियों पर प्रशिक्षण, आधुनिक फसल उत्पादन तकनीक उपलब्ध कराना और बाजार लिंकेज बनाने और पूरी मूल्य श्रृंखला तैयार करने के लिए 'किसान उत्पादक कंपनियों' (एफपीसी) का एक पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करना शामिल है।
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