देश की खबरें | गुजरात में कोष की हेराफेरी मामले के मुख्य आरोपी ने ‘100-200 हिंदू लड़कियों का धर्मांतरण कराया’: आरोपपत्र

अहमदाबाद, 24 नवंबर पुलिस द्वारा गुजरात की एक अदालत में दाखिल आरोप-पत्र के मुताबिक, वडोदरा में एक परमार्थ न्यास द्वारा विदेशी धन की कथित रूप से हेराफेरी से संबंधित एक मामले के मुख्य आरोपी ने पैसे का उपयोग करके “100 से 200 हिंदू लड़कियों को इस्लाम कबूल करवाकर उनकी शादी कर दी।”

वडोदरा पुलिस ने मंगलवार को उस मामले में आरोप-पत्र दाखिल किया जिसमें एक परमार्थ न्यास के प्रबंध न्यासी और उनके सहयोगियों ने विदेशी कोष हासिल किया था और अवैध रूप से उन्हें लोगों को इस्लाम धर्म कबूलवाने, मस्जिद बनाने और सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों और राष्ट्रीय राजधानी में 2020 के सांप्रदायिक दंगों के बाद दिल्ली में दंगाइयों को कानूनी मदद मुहैया कराने के लिए इस्तेमाल किया था।

वडोदरा के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पीए पटेल की अदालत में 1,860 पन्नों का आरोप-पत्र दाखिल किया गया जिसमें पांच आरोपियों के नाम हैं।

पुलिस ने आरोप पत्र के माध्यम से अदालत को बताया कि मामले के मुख्य आरोपियों में से एक, दिल्ली निवासी मोहम्मद उमर गौतम ने “100 से 200 हिंदू लड़कियों का इस्लाम में धर्मांतरण किया और उनकी शादी कर दी”।

दस्तावेज में कहा गया कि इतना ही नहीं वडोदरा स्थित एएफएमआई परमार्थ न्यास के प्रबंध न्यासी मुख्य आरोपी सलाउद्दीन शेख के करीबी सहयोगी गौतम ने न्यास के कोष का इस्तेमाल करते हुए विभिन्न धर्मों के करीब 1000 लोगों का भी धर्मांतरण कराया।

पुलिस ने कहा कि जिन लोगों का इस्लाम में धर्मांतरण कराया गया उनमें 10 मूक-बधिर लोग भी शामिल हैं।

गौतम, शेख और शेख के लिए काम करने वाले मोहम्मद मंसूरी नाम के शख्स को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि वडोदरा पुलिस ने गुजरात के भरूच जिले के मूल निवासी लंदन में रह रहे अब्दुल्ला फेफडावाला और मूल रूप से मुंबई के रहने वाले संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे मुस्तफा थानावाला को भगोड़ा दिखाया है।

गौतम को उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने जून में धोखे से लोगों का इस्लाम में धर्मांतरण कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाद में, उप्र एटीएस ने गौतम के सहयोगी शेख को भी वडोदरा से गिरफ्तार किया, जो धर्मांतरण और ऐसे अन्य उद्देश्यों के लिए एएफएमआई न्यास के कोष की हेराफेरी करने में शामिल था।

पुलिस ने आरोप-पत्र में कहा कि अगस्त में वडोदरा पुलिस के विशेष अभियान दल (एसओजी) ने शेख, गौतम और अन्य के खिलाफ अलग-अलग समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में भादंवि की धारा 153-ए, 465 और 120-बी के तहत एक अलग प्राथमिकी दर्ज की थी।

वडोदरा पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में दोनों आरोपियों शेख और गौतम को उप्र एटीएस से अपनी हिरासत में लिया और उन्हें यहां ले आई थी। वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

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