देश की खबरें | महाराष्ट्र सड़क सुरक्षा परिषद की दो साल में एक भी बैठक नहीं हुई

मुंबई, आठ जून महाराष्ट्र में जनवरी 2023 और अप्रैल 2025 के बीच 36,567 मौतें और 83,820 सड़क दुर्घटनाएं होने के बावजूद, राज्य परिवहन मंत्री की अध्यक्षता वाली शीर्ष सड़क सुरक्षा परिषद की दो वर्षों में एक बार भी बैठक नहीं हुई है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

स्थिति ऐसी है कि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक कहते हैं कि उन्हें राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के अस्तित्व के बारे में जानकारी नहीं है।

इन अधिकारियों का कहना है कि राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की पिछली बैठक चार अप्रैल, 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यकाल में हुई थी, जिनके पास परिवहन विभाग था। शिंदे फिलहाल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं।

अधिकारियों के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने मई 2015 में केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के नियम 215 के अनुसार परिषद का गठन किया था, जिसके बाद 2019 तक नियमित रूप से अर्धवार्षिक बैठकें आयोजित की गईं क्योंकि ऐसा करना अनिवार्य था लेकिन उसके बाद 2023 तक केवल चार बैठकें हुईं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि नियमानुसार 2015 से राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की 20 बैठकें होनी चाहिए थीं, लेकिन केवल 12 बैठकें ही हुई हैं।

अधिकारियों के अनुसार, परिषद मुख्य रूप से दुर्घटना के आंकड़ों की समीक्षा करती है, सुरक्षा उपायों के कार्यान्वयन की निगरानी करती है तथा नीति निर्देश जारी करती है।

उन्होंने कहा कि यह ‘ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित जगह)’ को हटाने, नियमों के क्रियान्वयन की कमियों का आकलन करने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।

एक सेवानिवृत्त आरटीओ अधिकारी ने कहा कि इसकी पूरी तरह निष्क्रियता प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है।

संपर्क किये जाने पर सरनाईक ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘मुझे राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के अस्तित्व के बारे में जानकारी नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरे विभाग ने मुझे ऐसे महत्वपूर्ण निकाय के बारे में बताया भी नहीं। मैं जून में ही इस परिषद की बैठक बुलाऊंगा।’’

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