देश की खबरें | महाराष्ट्र: विधान परिषद की पांच में से चार सीटों पर एमवीए की जीत, नागपुर में भाजपा की हार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र में सत्ता में आने के एक साल बाद शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन को शुक्रवार को विधान परिषद चुनाव में बड़ी सफलता हासिल हुई। गठबंधन ने स्नातक तथा शिक्षक कोटे की विधान परिषद की पांच में से चार सीटें अपनी झोली में डाल लीं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुम्बई, चार दिसम्बर महाराष्ट्र में सत्ता में आने के एक साल बाद शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन को शुक्रवार को विधान परिषद चुनाव में बड़ी सफलता हासिल हुई। गठबंधन ने स्नातक तथा शिक्षक कोटे की विधान परिषद की पांच में से चार सीटें अपनी झोली में डाल लीं।

पिछले साल राज्य के विधानसभा चुनाव में हार का स्वाद चखने वाली भाजपा को अपने गढ़ नागपुर में तगड़ा झटका लगा, जहां उसके उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा है।

यह भी पढ़े | Farmers Protest: तेजस्वी यादव ने किसानों से की अपील, कहा- एकजुट होकर सड़कों पर आएं और आंदोलन को मजबूत बनाएं.

महाराष्ट्र के ऊपरी सदन विधान परिषद के लिये एक दिसंबर को द्वि-वार्षिक चुनाव हुए थे, जिसे शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा की महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के लिये अग्नि परीक्षा माना जा रहा था।

इस साल जुलाई में पांच विधान पार्षदों का कार्यकाल पूरा हो गया था, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते चुनाव नहीं हो पाए थे।

यह भी पढ़े | Farmers Protest: सरकार की बढ़ सकती है मुश्किलें, किसानों ने कहा- कल बातचीत के दौरान नहीं बनी बात तो 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सतीश चव्हाण ने औरंगाबाद संभाग के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार शिरीष बोरलकर को मात दी।

राज्य चुनाव आयोग ने बताया कि चव्हाण को 1,16,638 और बोरलकर को 58,743 वोट मिले।

नागपुर संभाग की स्नातक सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा के संदीप जोशी को हराया। अतीत में भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी इस सीट से विधान पार्षद रह चुके हैं।

वहीं पुणे संभाग के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राकांपा के अरुण लाड ने भाजपा उम्मीदवार संग्राम देशमुख को 48,824 मतों से मात दी।

लाड को 1,22,145 मत और देशमुख को 73,321 मत मिले। पुणे संभाग के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के जयंत असगांवकर ने मौजूदा विधान पार्षद तथा निर्दलीय उम्मीदवार दत्तात्रेय सावंत को हराया।

अमरावती संभाग के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय किरन सरनाइक ने मौजूदा निर्दलीय एमएलसी तथा शिवसेना के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले श्रीकांत देशपांडे को हराया।

भाजपा को केवल धुले-नंदूरबार सीट पर जीत हासिल हुई है, जहां पार्टी उम्मीदवार अमरीश पटेल विजयी हुए । यह सीट भाजपा के निवर्तमान विधान परिषद सदस्य अंबरीश पटेल के कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के चलते रिक्त हुई थी।

चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा, ''यह चुनाव नतीजे एक साल पुरानी एमवीए सरकार के कामकाज का फल हैं।''

भाजपा नेता देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा कि उनकी पार्टी एमवीए गठबंधन की ताकत का अंदाजा लगाने में नाकाम रही।

एक और भाजपा नेता सुधीर मुनगंतीवार ने कहा, ''हम इन चुनावों में पार्टी को मिली हार पर आत्ममंथन करेंगे। मुझे लगता है कि हम इस चुनाव में चूक गए। ''

महाराष्ट्र विधान परिषद में कुल 78 सीटें हैं। इनमें राज्यपाल कोटे की 12 सीटें शामिल हैं, जो अभी रिक्त हैं। एमवीए ने इन सीटों के लिये अपनी ओर से 12 नामों की सूची राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी को सौंप दी है।

ऊपरी सदन में फिलहाल भाजपा के 22, शिवसेना के 14, राकांपा के नौ, कांग्रेस के आठ, आरएसपी, पीडब्लयूपी तथा लोक भारती पार्टी का एक-एक और चार निर्दलीय सदस्य हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\