नयी दिल्ली, 20 अगस्त पिछले पांच साल में मेडिकल परीक्षा नीट-स्नातक (यूजी) के लिए विभिन्न राज्य बोर्ड में से सबसे अधिक आवेदन महाराष्ट्र से थे। यह जानकारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से प्राप्त हुई है। आवेदकों के मामले में कर्नाटक राज्य बोर्ड दूसरे स्थान पर है, जबकि उसके बाद तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश का स्थान है।
इस साल नीट में 20.38 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए। यह संख्या 2019 में 14.10 लाख थी।
‘पीटीआई’ को प्राप्त आंकड़े के अनुसार, 2019-2023 तक देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों की सबसे अधिक संख्या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से थी। इस साल, 5.51 लाख से अधिक आवेदक उस बोर्ड से थे, जो राष्ट्रीय स्तर पर 12वीं कक्षा की परीक्षा आयोजित करता है।
हालांकि, राज्य बोर्ड में, नीट-यूजी यानी राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (स्नातक) के लिए आवेदन के मामले में महाराष्ट्र शीर्ष पर है।
एनटीए के आंकड़े के मुताबिक, इस साल, महाराष्ट्र राज्य बोर्ड से 2.57 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था। आंकड़े के मुताबिक, पिछले साल 2.31 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने नीट-यूजी के लिए आवेदन किया था।
कर्नाटक राज्य बोर्ड से, इस साल 1.22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने नीट-यूजी के लिए आवेदन किया था, जबकि पिछले साल यह संख्या 1.14 लाख थी।
आंकड़े के अनुसार, तीसरे स्थान पर तमिलनाडु राज्य बोर्ड है, जिसके 1.13 लाख से अधिक छात्रों ने इस साल मेडिकल परीक्षा के लिए आवेदन किया। आंकड़े बताते हैं, उत्तर प्रदेश राज्य बोर्ड से 1.11 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने नीट-यूजी के लिए आवेदन किया था।
केरल राज्य बोर्ड से आवेदकों की संख्या 1.07 लाख से अधिक थी और बिहार राज्य बोर्ड से यह आंकड़ा 71,000 से अधिक थी।
आंकड़े से पता चलता है कि आवेदकों की सबसे कम संख्या त्रिपुरा राज्य बोर्ड (1,683), मिजोरम राज्य बोर्ड (1,844) और मेघालय राज्य बोर्ड (2,300) से थी। पांच हजार से कम नीट-यूजी आवेदकों वाले अन्य राज्य बोर्ड हैं - नगालैंड (2,422), गोवा (3,834) और उत्तराखंड (4,423)।
एजेंसी के आंकड़े से पता चलता है कि पिछले पांच वर्षों से यह रुझान बरकरार है।
नीट-यूजी बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस), बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस) और बैचलर ऑफ आयुर्वेद, मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) में प्रवेश के लिए योग्यता प्रवेश परीक्षा है।
बैचलर ऑफ सिद्ध मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएसएमएस), बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (बीयूएमएस) और बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस) और बीएससी (एच) नर्सिंग पाठ्यक्रम के लिए भी नीट-यूजी योग्यता परीक्षा है। देश के 540 से अधिक चिकित्सा महाविद्यालयों में 80,000 से अधिक एमबीबीएस सीट हैं।
एनटीए मई 2019 से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से नीट-यूजी का आयोजन कर रहा है। इससे पहले, नीट-यूजी का आयोजन सीबीएसई द्वारा किया जाता था।
इस वर्ष 20.38 लाख अभ्यर्थियों में से 11.45 लाख ने परीक्षा उत्तीर्ण की, जो पिछले वर्ष से 48 प्रतिशत अधिक है।
एनटीए के अनुसार, उत्तर प्रदेश के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की संख्या सबसे अधिक (1.39 लाख) थी, इसके बाद महाराष्ट्र (1.31 लाख) और राजस्थान (एक लाख से अधिक) थी।
एजेंसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र देश के दो सबसे अधिक आबादी वाले राज्य हैं, जबकि राजस्थान भी जनसंख्या के मामले में शीर्ष 10 राज्यों में शुमार है।
आंकड़े से पता चलता है कि केरल और कर्नाटक भी शीर्ष पांच राज्यों में थे, इनमें से प्रत्येक राज्य से 75,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की।
शीर्ष 10 में सबसे ज्यादा अभ्यर्थी तमिलनाडु से थे, जो राज्य केंद्रीकृत मेडिकल प्रवेश परीक्षा का विरोध कर रहा है। शीर्ष 50 में आठ अभ्यर्थी दिल्ली से, सात राजस्थान से और छह तमिलनाडु से थे।
एनटीए ने सात मई को भारत और विदेश के 499 शहरों में 4,097 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की थी। यह भारत के बाहर 14 शहरों- अबू धाबी, बैंकॉक, कोलंबो, दोहा, काठमांडू, कुआलालंपुर, लागोस, मनामा, मस्कट, रियाद, शारजाह, सिंगापुर, दुबई और कुवैत सिटी में आयोजित की गई थी।
परीक्षा 13 ओं- असमिया, बांग्ला, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू में आयोजित की गई थी।
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