देश की खबरें | महाराष्ट्र: विधान परिषद की उपसभापति ने उच्च सदन में सचेतक को लेकर शिंदे के अनुरोध पर और विवरण मांगा

मुंबई, तीन मार्च महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे के कार्यालय ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के उस पत्र के संबंध में अधिक विवरण मांगा है, जिसमें उच्च सदन में विप्लव बाजोरिया को शिवसेना के सचेतक के रूप में नियुक्त करने की मांग की गई है।

गोरहे के इस कदम से ठाकरे खेमे को अस्थायी राहत मिली है।

राज्य विधानमंडल के एक अधिकारी ने कहा, “ठाकरे खेमे ने पहले ही विलास पोटनिस को पार्टी का सचेतक नियुक्त कर दिया है। हालांकि, जब मुख्यमंत्री शिंदे ने हमें पत्र भेजकर विप्लव बाजोरिया को पार्टी का सचेतक नियुक्त करने के लिए कहा तो प्रशासन को उस बैठक का विवरण जानना होगा, जहां यह निर्णय लिया गया था।”

वरिष्ठ विधायक गोरहे ठाकरे खेमे का हिस्सा हैं और राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी-शिंदे गुट के पास वर्तमान में उच्च सदन में बहुमत नहीं है।

इन विवरणों की आवश्यकता के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा, “अगर कोई बाजोरिया को सचेतक के तौर पर नियुक्त किए जाने को अदालत में चुनौती देता है तो इसे साबित करने के लिए हमारे पास दस्तावेजी सबूत होने चाहिए। इसलिए शिंदे गुट की बैठक, उसके स्थान और उसमें पारित प्रस्तावों के बारे में जानकारी होना जरूरी है।”

इस कदम से ठाकरे गुट को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि शिंदे के पत्र पर तब तक कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा, जब तक कि उपसभापति के कार्यालय को विवरण प्रस्तुत नहीं किया जाता।

इससे पहले, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के अनुसार विधानसभा में शिवसेना के मुख्य सचेतक भरत गोगावाले ने कहा था, “शिंदे शिवसेना के नेता हैं और मुख्य सचेतक को बदलने के उनके पत्र को स्वीकार करने के उदाहरण पूर्व में मौजूद हैं।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)