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ताजा खबरें | महाराष्ट्र : मराठवाड़ा की चार लोकसभा सीट पर भाजपा की करारी हार

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. मराठवाड़ा क्षेत्र की जिन चार लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव लड़ा, उन चारों पर पार्टी की हार हुई है। इनमें जालना भी शामिल है, जहां से केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे को भी हार का सामना करना पड़ा है।

ताजा खबरें | महाराष्ट्र : मराठवाड़ा की चार लोकसभा सीट पर भाजपा की करारी हार

छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र), पांच जून मराठवाड़ा क्षेत्र की जिन चार लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव लड़ा, उन चारों पर पार्टी की हार हुई है। इनमें जालना भी शामिल है, जहां से केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे को भी हार का सामना करना पड़ा है।

संदीपन भुमरे महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति के एकमात्र उम्मीदवार हैं, जिन्होंने मंगलवार को मराठवाड़ा में लोकसभा चुनाव जीता।

कांग्रेस ने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा और तीनों पर जीत हासिल की, वहीं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें से उसने तीन पर जीत हासिल की।

मराठवाड़ा में आठ लोकसभा सीट शामिल हैं- नांदेड़, परभणी, हिंगोली, उस्मानाबाद, लातूर, औरंगाबाद, जालना और बीड। मंगलवार को राज्य की विपक्षी महाराष्ट्र विकास आघाडी (एमवीए) ने इनमें से सात सीटों पर जीत हासिल की।

सत्तारूढ़ महायुति में भाजपा, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। एमवीए घटकों में कांग्रेस, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा-एसपी शामिल हैं।

जालना मनोज जरांगे के नेतृत्व में मराठा आरक्षण आंदोलन का केंद्र था। वह 1996 से भाजपा का गढ़ रहा है। रावसाहेब दानवे ने 1999 से लगातार पांच बार जालना सीट पर जीत हासिल की, लेकिन इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार कल्याण वैजिनाथराव काले से उनको हार का सामना करना पड़ा। कल्याण वैजिनाथराव काले ने 1,09,958 मतों के अंतर से जीत हासिल की।

भाजपा को एक और झटका बीड में लगा, जहां उसकी उम्मीदवार और राज्य की पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे राकांपा (एसपी) उम्मीदवार बजरंग सोनवणे से चुनाव हार गईं। सोनवणे ने 6,553 मतों के अंतर से जीत हासिल की। पंकजा मुंडे इससे पहले 2019 के राज्य विधानसभा चुनाव में अपने चचेरे भाई और राकांपा नेता धनंजय मुंडे से हार गई थीं।

फरवरी में भाजपा में शामिल हो गए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के गढ़ नांदेड़ में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के दो बार के सांसद प्रतापराव चिखलीकर कांग्रेस के वसंतराव चव्हाण से 59,442 मतों से चुनाव हार गए।

लातूर में भी दूसरी बार चुनाव लड़े भाजपा उम्मीदवार सुधाकर शृंगारे कांग्रेस के शिवाजी कालगे से 61,881 वोट से हार गए। कांग्रेस ने 2009 के बाद पहली बार यहां जीत हासिल की है।

मुख्यमंत्री शिंदे की नेतृत्व वाली शिवसेना ने दो सीट पर जीत हासिल की। इसके उम्मीदवार संदीपन भुमरे ने मौजूदा सासंद इम्तियाज जलील को हराया।

शिवसेना (यूबीटी) के नागेश पाटिल आष्टीकर ने हिंगोली सीट पर जीत हासिल की। साथ ही उस्मानाबाद सीट पर पार्टी उम्मीदवार ओमप्रकाश राजेनिंबालकर ने राकांपा के उम्मीदवार को हराया है। शिवसेना (यूबीटी) के संजय जाधव ने परभणी में सत्तारूढ़ गठबंधन के एक अन्य सहयोगी राष्ट्रीय समाज पक्ष के प्रमुख महादेव जानकर को हराया।

साल 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद संजय जाधव उद्धव ठाकरे खेमे में ही रहे और उन्होंने इस साल तीसरी बार लोकसभा चुनाव लड़ा। मंगलवार को जीत के साथ ही संजय जाधव ने ‘हैट्रिक’ बना ली।

स्वाती

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 05, 2024 12:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).