पणजी, दो जनवरी गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को कहा कि उनके नेतृत्व में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलेगा तथा महादयी नदी पर दो बांधों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए कर्नाटक को केंद्र द्वारा मंजूरी दिए जाने का विरोध करेगा।
महादयी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर गोवा और कर्नाटक में कई साल से विवाद चल रहा है।
केंद्र द्वारा महादयी नदी पर दो बांधों की डीपीआर को मंजूरी दिए जाने की कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की घोषणा के बाद सावंत ने सोमवार को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए एक विशेष कैबिनेट बैठक बुलाई।
सावंत ने कहा, "गोवा सरकार महादयी नदी के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी। कलसा और भांडुरा में बांधों के निर्माण से उत्तरी गोवा जिले में रहने वाले लोगों की पेयजल आवश्यकता प्रभावित होगी।"
उन्होंने कहा, "राज्य मंत्रिमंडल ने बांधों की डीपीआर के लिए दी गई मंजूरी का विरोध करने के लिए प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और जल शक्ति मंत्री से मिलने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया है। विपक्ष को निरर्थक मुद्दे नहीं बनाने चाहिए। सभी को एकजुट होना चाहिए क्योंकि महादयी हमारे लिए एक जीवनरेखा है। मैं फिर से दोहराता हूं, महादयी मेरे लिए मां की तरह है।’’
सावंत ने कहा कि डीपीआर के लिए दी गई मंजूरी केवल सैद्धांतिक है क्योंकि कर्नाटक को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी।
उन्होंने कहा कि यह मंजूरी संभव नहीं होगी क्योंकि महादयी नदी वन्यजीव अभयारण्य से होकर गुजरती है।
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