देश की खबरें | मजिस्ट्रेट अदालत ने जहांगीरपुरी हिंसा मामले को सुनवाई के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पास भेजा

नयी दिल्ली, 20 अगस्त दिल्ली की एक अदालत ने जहांगीरपुरी हिंसा मामले को आगे की कार्यवाही के लिए एक ऊपरी अदालत में भेज दिया है। अदालत द्वारा आरोपपत्र का संज्ञान लेने और विषय में अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद यह कदम उठाया गया।

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) दीपिका सिंह ने आरोपपत्र का संज्ञान लेने के बाद मामले को 17 अगस्त को जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पास भेज दिया, जिनके द्वारा 22 अगस्त को मामले को अन्य सत्र अदालत को सौंपे जाने की संभावना है।

सीएमएम ने शुरूआत में मामले की सुनवाई की थी। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि अभियोजन ने जो आरोप लगाये हैं उनमें सात साल से अधिक अवधि की सजा के प्रावधान हैं और इसलिए इसकी सुनवाई मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा नहीं की जा सकती।

इससे पहले, 28 जुलाई 2022 को मजिस्ट्रेट अदालत ने दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लिया था।

आरोपपत्र 2,063 पृष्ठों का है जिनमें 37 आरोपियों को नामजद किया गया है।

उल्लेखनीय है कि जहांगीरपुरी में 16 अप्रैल को हनुमान जयंती की शोभायात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।

पुलिस के अनुसार, झड़प के दौरान पथराव और आगजनी की गई थी तथा कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था।

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