देश की खबरें | मद्रास विवि ने ‘भारत में ईसाई धर्म का प्रसार कैसे किया जाए’ विषय पर व्याख्यान रद्द किया

चेन्नई, 11 मार्च मद्रास विश्वविद्यालय में 14 मार्च को ‘भारत में ईसाई धर्म का प्रसार कैसे किया जाए’ विषय पर होने वाले व्याख्यान को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), हिंदू संगठनों के विरोध और सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद रद्द कर दिया गया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य सचिव एसजी सूर्या ने इस मुद्दे को उठाते हुए कार्यक्रम के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की निंदा की।

मद्रास विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास और पुरातत्व विभाग ने हैदराबाद के मुख्य अभियंता के. शिव कुमार द्वारा ‘सर एस सुब्रमण्य अय्यर एंडोमेंट लेक्चर’ 2024-2025 आयोजित करने की औपचारिक घोषणा की थी जिसके बाद विवाद शुरू हो गया था।

कई लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस व्याख्यान के विषय: ‘भारत में ईसाई धर्म का प्रसार कैसे किया जाए’ और ‘इस मार्ग की आवश्यकता क्यों है?’ की आलोचना की।

कार्यक्रम की घोषणा के कुछ ही समय बाद ही कई लोगों ने मद्रास विश्वविद्यालय की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह शिक्षा के मंदिर को ईसाई धर्म के प्रचार के साधन में बदल रहा है।

मद्रास विश्वविद्यालय ने आलोचना के बाद व्याख्यान रद्द करने की घोषणा की।

रजिस्ट्रार प्रोफेसर एस एलुमलाई ने सात मार्च को राजभवन को भेजे पत्र में बताया कि प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व विभाग ने उक्त विषयों पर विशेष व्याख्यान आयोजित करने के लिए मद्रास विश्वविद्यालय से मंजूरी नहीं ली।

रजिस्ट्रार ने कहा, “इसके मद्देनजर हमने संबंधित व्यक्ति को तत्काल प्रभाव से विशेष व्याख्यान रद्द करने का निर्देश दिया है।”

एबीवीपी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उसके प्रयास ने मद्रास विश्वविद्यालय में धार्मिक व्याख्यान को रोक दिया।

एबीवीपी ने ‘भारत में ईसाई धर्म का प्रसार कैसे किया जाए’ सहित व्याख्यान के विषयों को धार्मिक प्रचार करार दिया और राज्य विश्वविद्यालय के लिए अनुपयुक्त बताया।

एबीवीपी के दावा किया कि उसकी आपत्ति के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया।

एबीवीपी ने दावा किया, “यह विश्वविद्यालयों के भीतर पक्षपातपूर्ण विचारधाराओं को बढ़ावा देने से रोकने में एबीवीपी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

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