देश की खबरें | मध्य प्रदेश: न्यायिक सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों का उत्तर पत्रक सार्वजनिक करने से उच्चतम न्यायालय का इनकार

नयी दिल्ली, 23 जनवरी उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को उस याचिका की सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें मध्य प्रदेश की जिला न्यायिक सेवा की परीक्षा के अभ्यर्थियों का उत्तर पत्रक सार्वजनिक करने का अनुरोध किया गया था।

मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति रामासुब्रमण्यन और न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला की पीठ ने कहा कि ऐसा कदम ‘अत्यधिक खतरनाक’ था और इसका दुरुपयोग होने की आशंका है।

पीठ ने कहा कि यह अत्यधिक घातक होगा, इन कोचिंग क्लास वालों का उत्तर पत्रक पर कब्जा हो जाएगा। आप जो भी चाहे उसको उत्तर पत्रक नहीं दे सकते।

पीठ ने कहा, ‘‘ हम संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत दायर विशेष अनुमति याचिका की सुनवाई करने के इच्छुक नहीं हैं। इसलिए विशेष अनुमति याचिका खारिज की जाती है।’’

गैर सरकारी संगठन ‘एडवोकेट यूनियन फॉर डेमोक्रेसी एंड सोशल जिस्टिस’ की ओर से दायर याचिका पर शीर्ष अदालत सुनवाई कर रही थी।

याचिका में अुनरोध किया गया था कि उत्तर पुस्तिकाओं को अपलोड करने और न्यायिक अधिकारियों की भर्ती में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया जाये।

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