धुबरी (असम), आठ जुलाई असम के धुबरी जिले में मंगलवार को अतिक्रमण-रोधी अभियान के दौरान कथित अतिक्रमणकारियों ने उत्खनन मशीनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और पुलिसकर्मियों पर हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिन तीन राजस्व गांवों में अतिक्रमण हटाया जा रहा था, वहां कुल 1,069 परिवार रह रहे थे।
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में वहां का दौरा किए जाने के बाद करीब 95 प्रतिशत परिवार पहले ही वहां से हट गए हैं। प्रभावित लोगों को नियमानुसार चेक दिए जा रहे हैं।"
अधिकारी ने कहा, "हालांकि कुछ लोग सकारात्मक कदमों का विरोध करते हैं और समस्याएं उत्पन्न करने की कोशिश करते हैं, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है।"
उन्होंने कहा कि जब उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला करने का प्रयास किया तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, हालांकि इस घटना में कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू होने के बाद से इलाके के कुछ हिस्सों में स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर दो उत्खनन मशीनों पर लाठियों और ईंटों से हमला किया तथा दोनों वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
अधिकारियों ने दावा किया कि स्थिति पर नियंत्रण पाने के बाद अतिक्रमण हटाने का कार्य जारी है।
अतिक्रमण हटाने के अभियान से सबसे अधिक बांग्ला भाषी मुसलमान प्रभावित हुए हैं।
प्रभावित लोगों से मिलने जा रहे शिवसागर विधायक और रायजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई को पुलिस ने अतिक्रमण स्थल पर जाने से रोक दिया।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि पुलिस उन्हें उस इलाके से दूर ले गई।
धुबरी जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को 'पीटीआई-' को बताया कि धुबरी के तीन राजस्व गांवों में 3,000 बीघा भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए योजना बनाई गई है।
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