देश की खबरें | उपराज्यपाल ने भलस्वा झील की दयनीय स्थिति का उल्लेख किया, छठ पूजा घाट साफ करने का निर्देश

नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की ओर से भलस्वा झील की निगरानी की ‘दयनीय स्थिति’ का उल्लेख करते हुए शनिवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को निर्देश दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर झील के किनारों को साफ करके छठ पूजा के लायक बनाये। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उपराज्यपाल ने इस तथ्य पर 'हैरानी' व्यक्त की कि राष्ट्रीय राजधानी के पर्यावरण और सौंदर्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस जलस्रोत को ''मरने के लिए '' छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियों की निष्क्रियता और उपेक्षा के कारण गाद तथा कचरा जमा होने की वजह से 59 हेक्टेयर का यह जलस्रोत सिकुड़कर मात्र 34 हेक्टेयर रह गया है।

मई, 2019 में डीडीए द्वारा झील के जीर्णोद्धार और कायाकल्प का काम डीजेबी को सौंपा गया था।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हालांकि, आवश्यक कार्यों को पूरा करने में डीजेबी की विफलता के कारण डीडीए ने पिछले महीने ही झील के रखरखाव का काम फिर से शुरू किया था।’’

सक्सेना ने झील को दिल्ली के लिए एक अमूल्य संपत्ति करार दिया और डीजेबी द्वारा झील के रखरखाव की ''खराब'' और ''दयनीय'' स्थिति पर ‘गहरी निराशा’ व्यक्त की।

उन्होंने डीडीए को आगामी छठ उत्सव की तैयारी में झील के किनारों की सफाई का कार्य तुरंत करने का निर्देश दिया और सभी हितधारक एजेंसियों को एक मिशन मोड में झील के पूर्ण जीर्णोद्धार और कायाकल्प पर समानांतर रूप से काम शुरू करने का निर्देश भी दिया।

उन्होंने छठ पूजा करने वाले लोगों के हितों का ध्यान रखकर झील के चारों ओर की सफाई का कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा करने के लिए डीडीए को विशिष्ट निर्देश जारी किये और निकटवर्ती भलस्वा डेयरी का सम्पर्क झील से खत्म करने के लिए एक महीने के भीतर पश्चिम की ओर से एक दीवार खड़ी करने का भी निर्देश दिया।

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