देश की खबरें | उपराज्यपाल ने सुकेश मामले में 82 अधिकारियों की भूमिका की ईओडब्ल्यू से जांच के लिए मंजूरी दी

नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने ठग सुकेश चंद्रशेखर द्वारा रोहिणी जेल से चलाए जा रहे संगठित अपराध गिरोह में दिल्ली जेल विभाग के 82 अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को अनुमति दे दी है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उपराज्यपाल कार्यालय सूत्रों के अनुसार, उपराज्यपाल ने यह भी गौर किया है कि जेल विभाग वर्तमान में जेल में बंद आम आदमी पार्टी (आप) नेता और मंत्री सत्येंद्र जैन के अधीन था तथा उस दौरान "कैदियों से मोबाइल फोन जब्त किए जाने सहित कई गंभीर विवाद" हुए। इसके बाद हाल ही में विभिन्न जेल परिसरों में और आसपास ‘जैमिंग’ उपकरण लगाए गए।

एक सूत्र ने कहा, "इसी प्रकार जेलों में भीड़भाड़, कैदियों के बीच हिंसक झड़प और पैरोल के बाद वापस नहीं आने वाले कैदियों ने विभाग को संकट में डाल दिया है। यह मामला जेल अधिकारियों की मिलीभगत से चंद्रशेखर द्वारा 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली से संबंधित है।"

घटना के समय चंद्रशेखर को रोहिणी जेल की जेल संख्या 10 में रखा गया था।

ईओडब्ल्यू ने बताया था कि मामले में जांच के दौरान आरोपी द्वारा चलाए जा रहे गिरोह को मदद पहुंचाने के आरोप में सात अधिकारियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान पता लगा कि 82 अन्य अधिकारियों की भी इस मामले में भूमिका थी।

अभी मंडोली जेल में बंद चंद्रशेखर पर फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह जैसी चर्चित हस्तियों के सथ ही कई लोगों से 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

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