फगवाड़ा, 17 अप्रैल पंजाब सरकार ने छात्रावास में 21 वर्षीय कोरोना संक्रमित एक युवती से जुड़े मामले से निपटने और संस्थान को खुला रखने के लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के रवैये को ‘‘अत्यंत निकृष्ट और गैर-जिम्मेदाराना’’ करार देते हुए इसे नोटिस जारी किया है और लॉकडाउन के आदेशों का उल्लंघन करने को लेकर कारण बताने को कहा है।
राज्य सरकार ने कहा कि एलपीयू ने महामारी कानून के तहत भारत सरकार के लॉकडाउन के आदेशों और देशभर में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत जारी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश का उल्लंघन किया है।
इसने कहा कि विश्वविद्यालय से कहा गया है कि क्यों न उसे दिया गया अनापत्ति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया जाए।
विश्वविद्यालय द्वारा किए गए आदेशों के कथित उल्लंघन को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़ा प्रदर्शन किया और मांग की कि इस संस्थान के अधिकारियों के खिलाफ उसी तरह के मामले दर्ज किए जाने चाहिए जैसे कि तबलीगी जमात के लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं।
कपूरथला की उपायुक्त दीप्ति उप्पल ने एलपीयू को गुरुवार को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की और कहा कि इसकी एक प्रति उन्हें भी शुक्रवार को प्राप्त हुई।
नोटिस में महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाली 21 वर्षीय एक छात्रा के 12 अप्रैल को कोरोना संक्रमित होने का जिक्र करते हुए कहा गया कि ‘‘आपके संस्थाना में कोरोना संक्रमण का मामला था, उससे भी सही ढंग से नहीं निपटा गया।’’
एलपीयू के अतिरिक्त निदेशक अमन मित्तल से बार-बार के प्रयासों के बावजूद संपर्क नहीं हो सका।
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