नयी दिल्ली, 13 दिसंबर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए लोगों को रविवार को श्रद्धांजलि अर्पित की ।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ट्वीट किया, ‘‘वर्ष 2001 में आज ही के दिन लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन की सुरक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों व संसद के कर्मचारियों को विनम्र श्रद्धांजलि।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आपकी निष्ठा, शौर्य और पराक्रम हमें आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष के हमारे संकल्प को और मजबूत करने की प्रेरणा देता रहेगा।’’
वहीं, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव और कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने संसद भवन के बाहर आयोजित एक कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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नेताओं ने शहीदों के सम्मान में एक मिनट का मौन भी रखा ।
गौरतलब है कि 19 वर्ष पूर्व आज ही के दिन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने संसद पर हमला किया था।
इस हमले में आतंकवादियों का मुकाबला करते हुए दिल्ली पुलिस के पांच जवान, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक महिला कर्मी और संसद के दो कर्मी शहीद हुए थे। एक माली और एक फोटो पत्रकार की भी हमले में मौत हो गई थी।
लोकसभा सचिवालय की विज्ञप्ति के अनुसार, इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 'दी शौर्य अनबाउंड' नामक पुस्तक के हिंदी और अंग्रेजी संस्करण का विमोचन भी किया, जिसमें उन वीरों की शौर्यगाथाएं शामिल हैं, जिन्होंने 2001 में हुए संसद हमले को विफल करने में अनुकरणीय वीरता का परिचय दिया था।
इस पुस्तक के लेखक डीआईजी सीआरपीएफ नीतू और बी एम दिनाकरन, डीआईजी सीआरपीएफ हैं। यह पुस्तक केवल ऑपरेशन की कार्रवाई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन वीरों के व्यक्तिगत जीवन और भावनाओं तक पहुँचती है।
दीपक
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