देश की खबरें | उत्तराखंड मूल के सांस्कृतिक कलाकारों के सामने जीविका का संकट, तत्काल मदद करें सरकारें: हरीश रावत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को कहा कि दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले उत्तराखंड मूल के सांस्कृतिक कलाकारों के सामने लॉकडाउन के दौरान जीविका का संकट खड़ा हो गया है और दिल्ली एवं अन्य संबंधित राज्य सरकारों को उनकी तत्काल मदद करनी चाहिए।
नयी दिल्ली, 27 मई कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को कहा कि दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले उत्तराखंड मूल के सांस्कृतिक कलाकारों के सामने लॉकडाउन के दौरान जीविका का संकट खड़ा हो गया है और दिल्ली एवं अन्य संबंधित राज्य सरकारों को उनकी तत्काल मदद करनी चाहिए।
रावत की ओर से जारी बयान के मुताबिक, उन्होंने पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उत्तराखंड मूल के कई सांस्कृतिक कलाकारों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
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उन्होंने कहा, ‘‘ दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले उत्तराखंड मूल के 100 से अधिक कलाकारों ने अपनी समस्याओं को बारे में बताया है। मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पत्र लिखकर इनके लिए आर्थिक सहायता का अनुरोध किया है।’’
रावत ने कहा कि दिल्ली और दूसरी राज्य सरकारों को इन कलाकारों की तत्काल मदद करनी चाहिए।
इससे पहले रावत उत्तराखंड के सांस्कृतिक मंत्री सतपाल महाराज को पत्र लिखकर उत्तराखंड के सांस्कृतिक कलाकारों की आर्थिक समस्या का समाधान ढूंढने का अनुरोध कर चुके हैं।
कांग्रेस के सह-सचिव हरिपाल रावत ने बताया कि इस चर्चा के दौरान दिल्ली-एनसीआर के सांस्कृतिक कलाकारों की एक फैडरेशन बनाने का भी प्रस्ताव आया है। यह फैडरेशन कलाकारों के हितों की रक्षा के अलावा वक्त-बेवक्त आर्थिक कठिनाइयों में भी मदद करेगी।
रावत के साथ वीडियो कांफ्रेंस से हुई चर्चा में कैलाश चंद द्विवेदी, संयोगिता ध्यानी, कुसुम चौहान, मोहन मंडराल, गीता गोसाई, खुशहाल सिंह बिष्ट, कौशल पांडे, महेश प्रकाश, सतेंद्र नेगी राही, वीरेंद्र नेगी राही और अन्य कलाकार शामिल हुए।
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