देश की खबरें | हाथरस मामले पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए वाम दल, योगी आदित्यनाथ की बर्खास्तगी की मांग की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वाम दलों के प्रमुख नेता शुक्रवार को हाथरस के सामूहिक बलात्कार मामले की पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए यहां जंतर मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हटाए जाने की मांग की।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, दो अक्टूबर वाम दलों के प्रमुख नेता शुक्रवार को हाथरस के सामूहिक बलात्कार मामले की पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए यहां जंतर मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हटाए जाने की मांग की।

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात और भाकपा नेता डी राजा सहित वाम दलों के अन्य नेता प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे।

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उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की ‘चुप्पी’ पर सवाल उठाया।

येचुरी ने कहा, ‘‘इस तरह के एक जघन्य अपराध पर केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व की चुप्पी तथा उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया सत्तारूढ़ दल(भाजपा) के तानाशाह और अलोकतांत्रिक चेहरे, चाल, चरित्र तथा चिंतन के बारे में काफी कुछ कहती है। ’’

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उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को सत्ता में बने रहे का कोई अधिकार नहीं है।

प्रदर्शन स्थल पर मौजूद हजारों लोगों ने पीड़िता के लिये न्याय की मांग की, जिसकी मंगलवार सुबह यहां सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी।

इसके बाद पीड़िता के शव का हाथरस में बुधवार तड़के दाह-संस्कार कर दिया गया। हालांकि, परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जबरन दाह संस्कार किया।

करात ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अराजकता एक जातीय संहिता के रूप में विद्यमान है।

उन्होंने कहा, ‘‘...अब वह (उप्र पुलिस) अपराधियों को बचाने के लिये एक झूठी रिपोर्ट ले आई है, कह रही है कि कोई बलात्कार नहीं हुआ था। मैं (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदीजी से पूछना चाहती हूं। क्या यह आपकी संस्कृति है? आपकी उप्र सरकार ने परिवार को नजरबंद कर दिया है। शोकाकुल परिवार का ढांढस बंधाने के लिये लोगों को जाने देने की अनुमति नहीं देना क्या आपकी संस्कृति है? मोदी जी आप पर शर्म आती है। आपकी सरकार ने उसकी (पीड़िता की) उचित मेडिकल देखभाल नहीं कराई, उसके परिवार को गरिमा के साथ अंतिम संस्कार नहीं करने दिया और अब उन्हें दिलासा भी नहीं देने दिया जा रहा। मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) को बर्खास्त किया जाना चाहिए। ’’

भाकपा नेता डी राजा ने सवाल किया कि केंद्र सरकार इस मामले पर टिप्पणी क्यों नहीं कर रही है?

उन्होंने कहा, ‘‘हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के इस्तीफे और राज्य की पुलिस की जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।’’

राजा ने कहा कि राष्ट्रपति को उत्तर प्रदेश के इस मामले में दखल देना चाहिए।

भाकपा नेता ने दावा किया कि केंद्र सरकार इस मामले पर टिप्पणी नहीं करना चाहती क्योंकि उसके लिए दलितों की जिंदगी मायने नहीं रखती।

सामूहिक बलात्कार के करीब पखवाड़े भर बाद 19 वर्षीय पीड़िता की मंगलवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी। बुधवार तड़के उत्तर प्रदेश के हाथरस में उसका दाह-संस्कार कर दिया गया।

पीड़िता के परिवार के सदस्यों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने रातोंरात जबरन दाह-संस्कार करने के लिये उन्हें मजबूर किया।

हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि दाह-संस्कार परिवार की सहमति से किया गया।

हक

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