लेबनानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि इन-अल-हिलवेह शिविर में हुई झड़पों में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है, लेकिन कुछ खबरों में यह संख्या और अधिक बताई गई है। कर्नल फदी अबू ईद ने बताया कि शिविर के बाहर तैनात दो सैनिक भी मामूली रूप से घायल हुए हैं।
शिविर के संचालन निकाय के तौर पर काम करने वाली समिति के सदस्य अदनान रिफाई ने कहा कि लेबनानी पक्षकारों और कुछ फलस्तीनी धड़ों ने संघर्ष विराम की कोशिश की, इसके बावजूद ‘‘अबतक शिविर में गोलाबारी नहीं रुकी है।’’
शिविर के बाहर बनी जांच चौकी पर लेबनानी सेना के जवान तैनात हैं, लेकिन वे शिविर में दाखिल नहीं हुए हैं। शिविर पर फलस्तीनी धड़ों का नियंत्रण है।
एक अन्य फलस्तीनी ने बताया कि झड़प रविवार को तब शुरू हुई, जब इस्लामी चरमपंथियों ने फतेह समूह से संबंध रखने वाले फलस्तीनी सेना के जनरल अबू अशरफ अल अरमौशी एवं उनके साथ मौजूद तीन लोगों हत्या कर दी गई थी। ये हत्याएं उस वक्त हुई थीं, जब वे पार्किंग में टहल रहे थे।
अज्ञात बंदूकधारी ने शनिवार को चरमपंथी महमूद खलील की हत्या करने की कोशिश की थी, लेकिन गोली लगने से उसके एक साथी की मौत हो गई।
बाद में रविवार को फलस्तीनी धड़ों ने संयुक्त बयान में कहा कि लेबनानी शिया अमल आंदोलन और चरमपंथी हिजबुल्लाह समूह की मध्यस्थता में सैडन शहर में हुई बैठक में संघर्ष विराम पर सहमति बन गई है, लेकिन यह कायम नहीं रही।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY