नयी दिल्ली, सात जुलाई भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि फरवरी में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के विरोध में करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ ''जीरो टॉलरेंस'' नीति अपनायी जाएगी।
साथ ही कहा कि आने वाले दिनों में संगठन के पुनर्गठन के दौरान ऐसे नेताओं को ब्लॉक, जिला अथवा प्रदेश स्तर पर पदाधिकारी बनाने के लिए विचार नहीं किया जाएगा।
यह भी पढ़े | कोविड-19 के लद्दाख में 36 नए मामले पाए गए, 24 हुए ठीक: 7 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.
गुप्ता ने कहा, '' हमारे पास इस बात की पर्याप्त सूचना है कि किन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ काम किया और वर्तमान में संगठनात्मक पुनर्गठन में उन्हें किसी भी पद से वंचित रखकर दंडित किया जाएगा।''
भाजपा को हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था, जहां 70 सीटों में से आम आदमी पार्टी ने 62 पर जीत हासिल की थी जबकि भाजपा को केवल आठ सीट पर संतोष करना पड़ा था।
यह भी पढ़े | जानिए क्या है IPPB मोबाइल बैंकिंग ऐप और कैसे कर सकते हैं प्रयोग?.
गुप्ता ने कहा, '' ब्लॉक एवं जिला इकाई के अध्यक्ष और प्रदेश कार्यालय के पदाधिकारियों के साथ ही केवल अनुशासित कर्मठ कार्यकर्ताओं अथवा नेताओं को ही संगठन में विभिन्न पद देने पर विचार किया जाएगा। जो लोग चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे उन्हें कोई पद नहीं दिया जाएगा।''
दिल्ली भाजपा में संगठन के पुनर्गठन की प्रक्रिया के मद्देनजर पार्टी की ब्लॉक इकाई के अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए स्थानीय नेताओं के नाम को अंतिम रूप देने के लिए 35 टीम का गठन किया गया है। चुने गए नेताओं का नाम नौ जुलाई तक प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को सौंपा जाएगा।
गुप्ता ने कहा कि ब्लॉक, जिला एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को नियुक्ति किए जाने की प्रक्रिया जुलाई माह के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY