लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुने गए सूडान के अंतिम प्रधानमंत्री और देश के सबसे बड़े दल के प्रमुख महदी ने कहा कि शुक्रवार की घोषणा के विरोध में वह सरकार द्वारा शनिवार को राजधानी खार्तूम में आयोजित एक धार्मिक कांफ्रेंस में भी शामिल नहीं हुए।
कांफ्रेंस को लिखे एक पत्र में महदी ने कहा, '' यह बयान सूडानी राष्ट्रीय कानून के प्रतिकूल है और मध्य-पूर्व के शांति प्रस्ताव को समाप्त करने में योगदान देने वाला है। साथ ही नये युद्ध को भड़काने की तैयारी करने वाला है।''
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उन्होंने कहा कि इजराइल के साथ समझौता सुडान की अंतरिम सरकार के अधिकारों को जोखिम में डाल देगा जोकि नागरिक और सैन्य नेताओं का एक नाजुक गठबंधन है।
वहीं, सूडान के प्रधानमंत्री अब्दुल्ला हमदोक ने उनके देश को आतंकवाद की सूची से बाहर निकालने संबंधी कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के लिए ट्रंप को शुक्रिया अदा किया और एक बयान में कहा कि उन्हें यह समझौता ''तय समयानुसार'' पूरा होने की उम्मीद है।
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उल्लेखनीय है कि अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने वाला सूडान, ऐसा तीसरा अरब देश हो सकता है। अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव से पहले इसे ट्रंप की उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
हाल ही में अमेरिका ने इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के बीच राजनयिक संबंध सामान्य करने में अहम भूमिका निभाई थी।
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