देश की खबरें | जिला अदालतों के वकीलों ने उच्च न्यायालय के प्रशासनिक आदेश को खारिज करने का अपील की
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली,19 नवंबर दिल्ली की सभी जिला अदालतों के बार असोसिएशन की समन्वय समिति ने दिल्ली उच्च न्यायालय ने उस आदेश को खारिज करने की अपील की है जिसमें कहा गया है कि अगर अब से अधिवक्ता अथवा वादी सूचना दिए जाने के पश्चात मामले की ऑनलाइन कार्यवाही में शामिल नहीं होते, तो संबंधित अधीनस्थ अदालत परिस्थितियों के आधार पर मामले में कार्यवाही कर सकती है।

एक बयान में कहा गया कि समिति ने दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से अदालतों में प्रत्यक्ष रूप से कामकाज शुरू नहीं होने तक अथवा हाइब्रिड प्रणाली शुरू होने तक(जहां एक पक्ष व्यक्तिगत तौर पर मौजूद रहे वहीं दूसरा ऑनलाइन माध्यम से) इस आदेश को खारिज करने की मांग की है।

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गौरतलब है कि 17नवंबर को एक प्रशासनिक आदेश में उच्च न्यायालय ने कहा कि उसने 15 अगस्त के अपने कार्यालय आदेश की समीक्षा की है। इस आदेश में अधीनस्थ अदालतों को निर्देश दिया गया था कि वह उन नियमित मामलों या कम महत्व वाले मामले में कोई प्रतिकूल आदेश जारी नहीं करेगी, जहां संबंधित वकील या वादी प्रत्यक्ष तरीके से अदालतों की सुनवाई बहाल होने तक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कार्यवाही में शामिल हो पाने में सक्षम नहीं है।

कोविड-19 महामारी के कारण मार्च से राष्ट्रीय राजधानी की छह जिला अदालतें वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई कर रही है।

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बयान के अनुसार समिति के अध्यक्ष संजीव एन और महासचिव राकेश चाहर ने कहा कि हाइब्रिड तंत्र नहीं होने से अदालतों का प्रभावी कामकाज प्रभावित हो रहा है।

बयान में एक टोल फ्री नंबर की भी मांग की जिसमें वकील कॉल करके अपना विरोध दर्ज करा सकें और जमीनी हकीकत उच्च न्यायालय के सामने लाई जा सके।

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